लापरवाही. 265 नामांकित बच्चों के पठन-पाठन से हो रहे खिलवाड़
मध्य विद्यालय बारा कोठी में पदस्थापित चार में से एक शिक्षक दिसंबर 2016 से विद्यालय नहीं आ रहे हैं. जबकि एक अन्य शिक्षक दूसरे विद्यालय में प्रतिनियोजित हैं. ऐसे में दो शिक्षकों के भरोसे पर विद्यालय में नामांकित छात्रों का भविष्य दांव पर है.
चौथम : शिक्षकों की कमी से परेशान चौथम प्रखंड के मध्य विद्यालय बोरा कोठी के छात्रों का आक्रोश शुक्रवार को फूट पड़ा. अपने भविष्य के साथ हो रहे खिलवाड़ से चिंतित छात्रों ने करुआ मोड़-बदला लिंक रोड को जाम कर दिया. मध्य विद्यालय बोरा कोठी में नामांकित 265 छात्रों को पढ़ाने के लिये चार शिक्षकों की पदस्थापना हुई लेकिन उसमें से दो शिक्षक ही नियमित रूप से विद्यालय आते हैं. बताया जाता है कि विद्यालय में पदस्थापित एक शिक्षक को प्रतिनियोजन दूसरे विद्यालय में कर दिया गया है.
जबकि एक अन्य शिक्षक राजीव रंजन बहुत दिनों से विद्यालय नहीं आ रहे हैं. ऐसे में वर्ग एक से आठवीं तक के बच्चों के पठन-पाठन पर प्रतिकूल असर पड़ रहा है. कई बार अधिकारियों से लगायी गयी गुहार बेकार हो जाने के बाद शुक्रवार को छात्रों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया. जाम की सूचना बाद बीइओ रामकुमार सिंह ने समझा-बुझा कर आक्रोशित छात्रों व अभिभावकों को शांत कराया.
छात्र-छात्राओं की पढ़ाई से हो रहा है खिलवाड़
इस विद्यालय में 265 कुल नामांकित छात्र है. रोज की औसतन उपस्थिति 200 के आसपास बतायी जाती है. ऐसी परिस्थिति में विद्यालय के छात्र छात्राओं की क्या पढ़ाई होती होगी, इसका अंदाजा लगया जा सकता है. प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी राम कुमार सिंह ने बताया कि विद्यालय में शिक्षकों की पदस्थापना के लिये जिला शिक्षा पदाधिकारी को पत्र भेजा गया था. वहीं विद्यालय में पदस्थापित राजीव रंजन के मानदेय भुगतान पर रोक लगा दिया गया है. जिससे बिना सूचना के विद्यालय से गायब रहने वाले शिक्षकों को लिए एक बहुत बड़ा सबक है. इस तरह की व्यवस्था से बच्चों की पढ़ाई पर प्रतिकुल असर पड़ रहा है.
मध्य विद्यालय बोराकोठी में पदस्थापित चार शिक्षक पदस्थापित हैं. प्रभारी प्रधानाध्यापक मणिकांत चौरसिया एवं सहायक शिक्षक शशिभूषण भारती नियमित रूप से विद्यालय आते हैं. बचे हुए एक शिक्षक 2015 से प्रावि शंकर श्याम में प्रतिनियोजित है. वहीं एक अन्य शिक्षक राजीव स्थाई तौर पर फरार चल रहे हैं. विद्यालय में पदस्थापित शिक्षक राजीव रंजन विगत 22 दिसंबर 2016 से विद्यालय नहीं आ रहे हैं. लिहाजा, पठन-पाठन राम भरोसे चल रहा है. ग्रामीणों की शिकायत पर प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने एक सप्ताह पहले स्कूल का निरीक्षण किया था. ग्रामीणों ने विद्यालय में शिक्षकों के अभाव से विद्यालय के पठन पाठन बाधित होने की समस्या से अवगत भी कराया था. बीईओ ने ग्रामीणों को शिक्षकों की तैनाती का आश्वासन दिया था.
