प्राक्कलन तैयार करने में हो रही लापरवाही
प्राक्कलन तैयार करनेमें हो रही लेटलतीफी पर सदर विधायक पूनम देवी यादव ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि वर्ष 2016-17 में उन्होंने 31 योजनाओं की अनुशंसा करते हुए इसकी स्वीकृति के लिए स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन के पास भेजा था.
खगड़िया : घटिया सड़क निर्माण कराने, दफ्तरों में बैठे- बैठे ही एमबी बुक करने तथा आरोपी अभियंता पर कार्रवाई करने की जगह उसे ठंडे बस्ते में डालने के बाद स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन प्रमंडल खगड़िया में एक और खुलासा हुआ है. सूत्र बताते हैं कि विधायकों, विधान पार्षदों द्वारा अनुशंसित योजना के प्राक्कलन तैयार में भी बड़ा खेल हो रहा है.
आसानी से कनीय अभियंता इन प्रतिनिधियों के द्वारा अनुशंसित योजना का प्राक्कलन तैयार ही नहीं करते हैं. प्राक्कलन तैयार करने में हो रही लेटलतीफी पर सवाल उठने लगे हैं. विभागीय सूत्र बताते हैं कि इस विभाग में आसानी से प्राक्कलन तैयार नहीं होते हैं. क्यों नहीं होते हैं जल्द प्राक्कलन तैयार. यह बताने की जरूरत नहीं है. इसे आसानी से समझा जा सकता है.
विधायक ने खोला राज
प्राक्कलन तैयार नहीं किये जाने का मामला स्वयं विधायक ने ही उठाया है. जिन्होंने योजना की अनुशंसा की थी. विभागीय सूत्र के मुताबिक बीते दिनों डीएम की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में ही प्राक्कलन तैयार करने में हो रही लेटलतीफी पर सदर विधायक पूनम देवी यादव ने नाराजगी व्यक्त करते हुए इस पर ध्यान देने का अनुरोध किया है. वर्ष 2016-17 में उन्होंने 31 योजनाओं की अनुशंसा करते हुए इसकी स्वीकृति के लिए स्थानीय क्षेत्र अभियंत्रण संगठन के पास भेजा था. जिसके विरुद्ध मात्र 18 योजना की ही प्राक्कलन स्वीकृति दी गयी है. कारण शेष योजनाओं का कनीय अभियंता के द्वारा प्राक्कलन ही तैयार नहीं किया गया है.
मानदेय में के आदेश
इस मामले में लापरवाह कनीय अभियंता के मानदेय काटने के आदेश दिये गये हैं. सूत्र बताते हैं कि विधायक की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए डीएम ने कार्यपालक अभियंता को संबंधित क्षेत्र के जेई के मानदेय से 10-10 प्रतिशत राशि कटौती करने का आदेश दिया है. बताया जाता है कि दो कनीय अभियंता को प्राक्कलन तैयार करना था. दोनों अभियंताओं के मानदेय से राशि कटौती की जाएगी. वहीं विधान पार्षद रजनीश कुमार ने भी प्राक्कलन तैयार करने में उदासीनता बरतने की शिकायत की. डीएम द्वारा पूछे जाने पर जिला योजना पदाधिकारी के द्वारा यह बताया गया कि जेई ने प्राक्कलन नहीं सौंपा है. जिसके कारण विलंब हो रहा है.
