कोढ़ा प्रखंड में बिजली विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आयी है. विभाग के मानव बल सुरेश कुमार लगातार हाई वोल्टेज तारों की मरम्मति के लिए स्थानीय ग्रामीण युवकों को बिना किसी प्रशिक्षण व सुरक्षा उपकरण के पोल पर चढ़ाया जा रहा है. यह प्रक्रिया न केवल नियमों का उल्लंघन है. बल्कि ग्रामीण युवकों की जान को सीधा खतरे में डाल रही है. लोगों का कहना है कि बिजली विभाग के इस तरह के कार्य से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है. विभागीय मानव बल सुरेश कुमार ग्रामीण युवकों को बुलाकर काम कराते हैं. उन्हें न तो हेलमेट, ग्लव्स और बेल्ट जैसे सुरक्षा उपकरण दिए जाते हैं, न ही किसी तरह की बीमा सुविधा उपलब्ध कराई जाती है. जब पत्रकारों ने इस मामले में सवाल पूछे तो सुरेश कुमार भड़क गये और जवाब देने से बचते नजर आये. यह रवैया विभाग की मनमानी और जवाबदेही की कमी को उजागर करता है. पोल पर चढ़े ग्रामीण युवक से जब बातचीत करने की कोशिश की गई, तो वह भागते नजर आये. ग्रामीणों का कहना है कि विभाग अगर काम करवाना चाहता है तो उसे स्थायी और प्रशिक्षित मिस्त्रियों की नियुक्ति करनी चाहिए, न कि गांव के युवकों की जान जोखिम में डालनी चाहिए. इस मामले में स्थानीय लोगों ने जिलाधिकारी व बिजली विभाग के वरीय अधिकारियों से जांच कर सख्त कार्रवाई की मांग की है. बिजली विभाग के कन्या विद्युत अभियंता पंकज ठाकुर ने कहा कि मामले की जांच की जायेगी. यदि कोई दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जायेगी. साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मानवबल को निजी व्यक्तियों से बिजली का काम कराने का अधिकार नहीं है.
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