इस्लाहे माशरा कॉन्फ्रेंस, दहेज प्रथा पर उलेमा ने जताई चिंता

इस्लाहे माशरा कॉन्फ्रेंस, दहेज प्रथा पर उलेमा ने जताई चिंता

फलका सालेहपुर पंचायत के राजधानी हाई स्कूल मैदान में फ्लाहे माशरा कमेटी के बैनर तले मंगलवार की रात एक दिवसीय इस्लाहे माशरा कॉन्फ्रेंस का भव्य आयोजन किया गया. इस मौके पर देश के विभिन्न हिस्सों से आए नामी-गिरामी उलेमा और शायरों ने शिरकत कर समाज सुधार पर जोर दिया. मौलाना सोहराब कलकत्तवी ने कहा कि आज के दौर में दहेज प्रथा समाज के लिए एक बड़ी बीमारी बन गई है. दहेज के कारण गरीब परिवारों की बेटियों की शादी में भारी कठिनाइयां उत्पन्न हो रही हैं. कई बेटियां उम्र गुजर जाने के बावजूद अपने घरों में बैठी रह जाती हैं, जो बेहद चिंताजनक स्थिति है. कहा कि जिस घर में जवान बेटी होती है, वहां माता-पिता को हमेशा चिंता सताती रहती है और उन्हें चैन की नींद भी नसीब नहीं होती. समाज के सभी वर्गों को आगे आकर इस कुप्रथा के खिलाफ आवाज उठानी चाहिए और इसे जड़ से खत्म करने का संकल्प लेना चाहिए. कॉन्फ्रेंस में मौजूद मौलाना रियाज साहब खानका मुंगेर रहमानी मौलाना इजराईल साहब सहित कई ओलमाओ ने समाज में फैली कुरीतियों को दूर करने, शिक्षा को बढ़ावा देने और आपसी भाईचारा कायम रखने पर जोर दिया. वक्ताओं ने कहा कि इस तरह के आयोजनों से समाज में जागरूकता आती है और लोगों को सही दिशा मिलती है. अंत में कमेटी के सदस्यों ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया और समाज सुधार के इस अभियान को आगे भी जारी रखने का संकल्प लिया. बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने कार्यक्रम में भाग लेकर इसे सफल बनाया.

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By RAJKISHOR K

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