मनसाही के उदमा रखा चौक पर ओवरलोड ट्रक फंसने से महाजाम, एनएच और शहर का संपर्क टूटा

Traffic Jam: कटिहार जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र अंतर्गत उदमा रखा चौक पर बुधवार को सीमेंट लदा एक 12 चक्का ओवरलोड ट्रक बीच चौराहे पर फंस गया. इसके चलते कटिहार शहर और फोरलेन एनएच (National Highway) को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग कई घंटों तक पूरी तरह ठप रहा, जिससे राहगीरों और स्कूली बच्चों को भारी फजीहत झेलनी पड़ी.

कटिहार के मनसाही से ललित कुमार की रिपोर्ट

Traffic Jam: कटिहार जिले के ग्रामीण इलाकों में ओवरलोड भारी वाहनों की बेलगाम आवाजाही और प्रशासनिक लापरवाही के कारण आम जनता को आए दिन नारकीय परिस्थितियों से दो-चार होना पड़ रहा है. ताजा मामला मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मनसाही अंतर्गत उदमा रखा चौक का है, जहां बुधवार को सीमेंट से लदा एक 12 चक्का भारी मालवाहक ट्रक बीच चौराहे पर अचानक फंस गया. ट्रक के फंसते ही देखते ही देखते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं. इस घटना के कारण कटिहार जिला मुख्यालय और फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्ग (NH) की ओर जाने वाले तमाम संपर्क मार्ग पूरी तरह बाधित हो गए, जिससे पूरे इलाके की रफ्तार थम सी गई.

चौराहे की कच्ची मिट्टी में धंसा 12 चक्के का पहिया, भटकते रहे मुसाफिर

उदमा रखा चौक पर उत्पन्न हुए इस गंभीर संकट और इसके चलते आम जनजीवन को हुई व्यावहारिक दिक्कतों को निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से समझा जा सकता है:

  • गलत नेविगेशन और ओवरलोडिंग: स्थानीय प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक पर क्षमता से अधिक सीमेंट की बोरियां लदी हुई थीं. उदमा रखा चौक एक संकरा चौराहा है, जहां मुड़ने के दौरान ट्रक का पिछला भारी पहिया मुख्य सड़क के किनारे की कच्ची मिट्टी में बुरी तरह धंस गया. ट्रक चालक द्वारा काफी प्रयास किए जाने के बावजूद वाहन टस से मस नहीं हुआ.
  • किलोमीटर का चक्कर लगाने की मजबूरी: यह चौराहा कई प्रमुख ग्रामीण रूटों और कटिहार शहर को आपस में जोड़ता है. व्यस्त समय में मार्ग पूरी तरह ब्लॉक हो जाने के कारण दफ्तर जाने वाले कर्मियों, आवश्यक कार्यों से शहर आ रहे मरीजों और छोटे-छोटे स्कूली बच्चों से भरी गाड़ियों को सुदूर ग्रामीण पगडंडियों से होकर कई किलोमीटर का अतिरिक्त चक्कर लगाने पर मजबूर होना पड़ा.

संकरी ग्रामीण सड़कों पर भारी वाहनों की मनमानी, जनप्रतिनिधि और प्रशासन मौन

सड़कों की बदहाली पर फूटा रोष: घटना से आक्रोशित स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि ग्रामीण सड़कों और संपर्क मार्गों की भार वहन क्षमता बेहद कम होती है. इसके बावजूद स्थानीय पुलिस प्रशासन और परिवहन विभाग की बेरुखी के कारण इन रास्तों से बेधड़क 12 से 16 चक्के वाले ओवरलोड माइनिंग और कंस्ट्रक्शन ट्रक गुजरते हैं. इससे न केवल सड़कों का बेस कमजोर होकर टूट रहा है, बल्कि तीखे मोड़ों और संकरी चौड़ाई के कारण आए दिन ऐसे गंभीर सड़क हादसे और घंटों लंबे चक्के जाम की नौबत आ रही है.

जेसीबी और ट्रैक्टर की मदद से निकाला गया ट्रक, तब जाकर बहाल हुआ ट्रैफिक

इस महाजाम के कारण चौराहे पर करीब 4 से 5 घंटे तक अराजकता की स्थिति बनी रही. बाद में स्थानीय दुकानदारों और पुलिस की मौजूदगी में क्रेन, जेसीबी (JCB) मशीन और दो शक्तिशाली ट्रैक्टरों को मौके पर बुलाया गया. काफी मशक्कत और यांत्रिक प्रयासों के बाद ट्रक को कच्ची मिट्टी से सुरक्षित बाहर खींचा गया, जिसके बाद ही इस रूट पर गाड़ियों की आवाजाही धीरे-धीरे सामान्य हो सकी.

उदमा रखा चौक के प्रबुद्ध नागरिकों ने जिला प्रशासन और परिवहन विभाग से पुरजोर मांग की है कि ग्रामीण सड़कों पर बड़े कमर्शियल वाहनों के प्रवेश के लिए समय-सीमा तय की जाए. साथ ही, मुख्य चौराहों पर पुलिस बैरिकेडिंग लगाकर ओवरलोड वाहनों के खिलाफ विशेष जांच अभियान चलाया जाए, ताकि भविष्य में इस तरह के अनावश्यक ट्रैफिक जाम से आम जनता को स्थाई राहत मिल सके.

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लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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