रमजानुल मुबारक का तीसरा जुमा अकीदत से अदा की

रमजानुल मुबारक का तीसरा जुमा अकीदत से अदा की

बलिया बेलौन इबादत का महीना रमजानुल मुबारक का 16वीं रोजा के मौके पर तीसरी जुमा की नमाज लोगों ने अकीदत के साथ अदा की. जुमा की नमाज के दौरान तकरीर करते हुए जामे मस्जिद अबु बकर सालमारी के इमाम साहब हाफिज इमदादुल हक कासमी ने कहा की रोजा के बदले अल्लाह रब्बुल इज्जत अपने बंदों को दोजख की आग से हिफाजत फरमाते हैं. सभी लोगों को रोजा पाबंदी से रखने की गुजारिश करते हुए कहा की जिस ने भी बिना किसी वजह के रमजान का रोजा छोड़ा है तो उस पर अजाब नाजिल होता है. रोजा रखने से इमान ताजा होता है. रोजेदार का गुनाह माफ कर दिया जाता है. उनकी मगफिरत होती है. रोजा रखने से सेहत भी अच्छा रहता है. परहेजगारी पैदा होती है. इमाम साहब ने कहा की साहिबे निसाब बालिग पुरूष व महिला पर जकात वाजिब है. लोगों को अपनी आमदनी से जकात की रकम गरीब, बेवा, मिशकिन में तकसिम करनी चाहिए. लोगों को चाहिए की रमजानुल मुबारक में सभी अरकान अकीदत के साथ अदा करें. तीसों रोजा रख कर अल्लाह रब्बुल इज्जत की खुब इबादत करें. इस माह की इबादत का शवाब कई गुणा बढ़ा दी जाती है.

प्रभात खबर डिजिटल प्रीमियम स्टोरी

लेखक के बारे में

By RAJKISHOR K

RAJKISHOR K is a contributor at Prabhat Khabar.

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >