डीएस कॉलेज बीएड के शिक्षक व छात्रों के साथ वर्षों से हो रहा खिलवाड़

डीएस कॉलेज बीएड के शिक्षक व छात्रों के साथ वर्षों से हो रहा खिलवाड़

By RAJKISHOR K | January 8, 2026 8:40 PM

– सात विषयों में शिक्षक नहीं होने से पठन- पाठन प्रभावित – नियुक्त शिक्षकों का नौ वर्ष बाद भी नहीं बनी है सेवा पुस्तिका – विवि प्रशासन की ओर से डिमांड सेवापुस्तिका के बाद शिक्षक हतप्रभ कटिहार डीएस कॉलेज बीएड के शिक्षक व नामांकित प्रशिक्षु शिक्षकों के साथ वर्षों से खिलवाड़ हो रहा है. एक ओर जहां 15 शिक्षकों में सात शिक्षकों का पदरिक्त रहने से पठन पाठन प्रभावित है. दूसरी ओर 2017 और 2020 में नियुक्त शिक्षकों का अब तक सेवापुस्तिका नहीं बन पाया है. पूर्णिया विवि के कुलपति के आदेश पर कुलसचिव प्रो अखिलेश कुमार द्वारा 7 जनवरी को सेवापुस्तिका के साथ कई डेटा उपलब्ध कराने के जारी पत्र से शिक्षक हतप्रभ हैं. जिन विषयों में शिक्षकों की संख्या शून्य रहने के बाद भी वषों से उस विषय की पढाई किस तरह और कैसे हो रही है. यह सवाल के घेरे में आ गया है. सात जनवरी 2026 को कुलसचिव पूर्णिया विवि की ओर से भेजी गयी पत्र में बताया गया है कि बीएड प्रभाग में कार्यरत शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मचारियों के मानदेय में वृद्धि पर सम्बंधित समिति द्वारा विचार किया जाना है. समिति के सुलभ संदर्भ के लिए महाविद्यालय के बीएड प्रभाग के कैशबुक, चेक पंजी चेक तथा अन्य आवश्यक अभिलेखों की आवश्यकता है. पूर्व में भी इसके संबंध में पत्र एवं दूरभाष के माध्यम से अनेकोें बार अनुरोध किया गया. लेकिन अद्यतन अप्राप्त है. साथ ही सेवापुस्तिका की मूलप्रति भी,इसके बाद से बीएड में कार्यरत शिक्षक व कर्मचारियों में हतप्रभ की स्थिति है. शिक्षविदों का मानना है कि डीएस कॉलेज में संचालित बीएड स्ववित पोषित है. शिक्षकों व कर्मचारियों का वेतन छात्र- छात्राओं के नामांकन की राशि से उपलब्ध कराया जाता है. जिस वजह से सेवापुस्तिका बनना मुश्किल है. सेवापुस्तिका में योगदान से लेकर उत्तराधिकारी के साथ आसपास के गवाहों का भी नाम रहता है. ऐसे में करीब नौ वर्ष बीत जाने और करीब आधा दर्जन भर कॉलेज के प्राचार्य बदले जाने के बाद भी बीएड विभाग के शिक्षक व कर्मचारियों का सेवापुस्तिका नहीं बनाया जाना कहीं न कहीं व्यवस्था पर सवाल खड़ा होता है. रिमांडर के बाद भी शिक्षकों की नियुक्ति को नहीं दिया जा रहा ध्यान बीएड के कई शिक्षकों का कहना है कि विवि को शिक्षकों की कमी को लेकर बार-बार अवगत कराया गया. अब तक इस ओर कोई ठोस पहल नहीं किये जाने की वजह से बीएड की मान्यता पर अब तलवार लटक रहा है. 5 जनवरी 2026 को भी कुलपति को शिक्षकों की रिक्त संख्या विषयवार उपलब्ध कराया गया. बताया गया कि इससे पूर्व भी कई बार रिक्त पदों पर बहाली के लिए अनुरोध किया गया था. इसके आलोक में बताया गया कि पूर्णिया विवि पूणिया के अंगीभूत इकाई डीएस कॉलेज कटिहार में संचालित बीएड स्ववितपोषित पाठ्यक्रम में एनसीटीई के मानकों के अनुरूप पिछले काफी समय से कुछ शिक्षक व शिक्षकेत्तर कर्मियों का पदरिक्त है. गणित शिक्षण विषय में एक सहायक प्राध्यापक, हिन्दी शिक्षण विषय में सहायक प्राध्यापक का एक पद, अर्थशास्त्र शिक्षण के लिए सहायक प्राध्यापक का एक पद, शिक्षा के परिपेक्ष्य मनोविज्ञान, समाजशास्त्र ,दर्शनशास्त्र में तीन पद एवं सहायक प्राध्यापक कला शिक्षण के लिए एक कुल सात पद शिक्षकों का रिक्त है. जबकि कुल 15 शिक्षक एक एचओडी दो यूनिट के लिए आवश्यक है. ननटीचिंग में चार पद वर्षों से चल रहा खाली शिक्षकों की माने तो बीएड शिक्षकेत्तर कर्मचारियों की चार पद वर्षों से खाली चल रहा है. जिसमें पुस्तकालयाध्यक्ष एक, कार्यालय सहायक सह कम्प्यूटर ऑपरेटर एक और लैब अटैंडेट, हेल्पर के लिए दो पद कुल चार शिक्षकों को मिला देने के बाद रिक्त की संख्या 11 है. प्राचार्य को देनी होगी सेवापुस्तिका नहीं बनने का लिखित जवाब दो अंगीभूत कॉलेज में संचालित बीएड विभाग से कई डेटा उपलब्ध कराने को लेकर दोनों कॉलेज के प्राचार्य को सात जनवरी को पत्र जारी किया गया है. इससे पूर्व भी मौखिक व लिखित जानकारी उपलब्ध कराने को लेकर पत्र दिया गया था. अब तक बीएड विभाग में कार्यरत शिक्षकों की सेवापुस्तिका नहीं बनाये जाने को लेकर प्राचार्य को लिखित जानकारी देनी होगी. 12 जनवरी तक हर हाल में मांगी गयी डेटा को उपलब्ध कराने का आदेश दिया गया है. प्रो अखिलेश कुमार, कुलसचिव, पीयू

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