विकसित भारत के निर्माण में एमएसएमई की भूमिका महत्वपूर्ण

विकसित भारत के निर्माण में एमएसएमई की भूमिका महत्वपूर्ण

– आउटरीच कार्यक्रम में व्यवसायी व उद्यमियों से किया संवाद कटिहार सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, क्षेत्रीय कार्यालय की ओर से शनिवार को स्थानीय अतिथि भवन में नेशनल मेगा एमएसएमई क्रेडिट आउटरीच कार्यक्रम का आयोजन किया गया. कार्यक्रम की शुरुआत बैंक के संस्थापक सर सोराबजी पोचखानवाला के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर एवं दीप प्रज्वलन के साथ की गयी. इस अवसर पर कार्यक्रम के मुख्य अतिथि एमएसएमई, भारत सरकार के सहायक निदेशक रमेश यादव शामिल हुए. कार्यक्रम में बड़ी संख्या में व्यवसायी एवं उद्यमियों ने भाग लिया. कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्रीय प्रबंधक अमृतेश परमार्थ ने बैंक की विभिन्न एमएसएमई योजनाओं यथा सेंट व्यवसाय लोन, सेंट जीएसटी, सेंट संजीवनी, सेंट होटल तथा फूड प्रोसेसिंग के तहत राइस मिल, मखाना तथा मक्का प्रोसेसिंग के बारे में विस्तारपूर्वक जानकारी साझा की. सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया द्वारा अत्यंत कम ब्याज दरों एवं शून्य प्रोसेसिंग शुल्क के साथ एमएसएमई ऋण उपलब्ध कराये जा रहे है. उन्होंने कहा कि एमएसएमई का विकास ही देश के विकास की आधारशिला है और वर्ष 2047 तक विकसित भारत के संकल्प को साकार करने में एमएसएमई की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है. उपस्थित उद्यमियों से बैंक से जुड़ने एवं बैंक की विभिन्न योजनाओं का लाभ उठाने का आह्वान किया. यह भी जानकारी दी गयी कि कटिहार जिले में सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया की 27 शाखाएं कार्यरत है, जो जिले के प्रमुख स्थानों पर ग्राहकों एवं उद्यमियों की सेवा के लिए सदैव उपलब्ध है.

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Published by: Rajkishor k

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