मरम्मत के अभाव में वार्ड दो की सड़क बदहाल, सोलिंग की ईंटे भी गायब

मरम्मत के अभाव में वार्ड दो की सड़क बदहाल, सोलिंग की ईंटे भी गायब

– 28 वर्ष पूर्व बनी खड़ंजा से ईंट गायब, बूंदाबांदी भर से सड़क पर जलजमाव, निगम प्रशासन मौन कटिहार देखरेख व मरमत के अभाव में वार्ड नंबर दो की कई सड़क बदहाल है. इसके कारण वार्ड के लोगों को आवागमन में परेशानी हो रही है. कटिहार पूर्णिया एनएच 131ए पथ से निकली शमशेरगंज जाने वाली ब्रांच सड़क की हालत इस तरह बदहाल है कि 28 वर्ष पूर्व बनी खड़ंजा सड़क से ईट तक गायब है. जगह-जगह बनी गढ्ढों से होकर उक्त वार्ड के लोग आवागमन कर रहे हैं. वार्ड पार्षद के काफी प्रयास के बाद उक्त सड़क का निर्माण कराया जा रहा है. लेकिन निर्माण कार्य शमशेरगंज मोहल्ले से शुरू होने से मुख्य पथ के समीप हल्की बारिश में ही जलजमाव की समस्या उत्पन्न हो जाती है. भेरिया रहिका के मुरली चौहान, संजय ठाकुर, रमण सिंह, सूरज रविदास, छत्रपति शिवाजी समेत अन्य का कहना है कि 1998 में करीब ढाई किलोमीटर खड़ंजा मुख्य पथ से लेकर शमशेरगंज तक बनाया था. उक्त मोहल्ले की आबादी बढ़ती गयी लेकिन नहीं हो पाया तो अब विकास, यह निगम का दो नम्बर वार्ड कहलाता है. लेकिन स्थिति इस तरह खराब है कि पंचायत में इससे बेहतर सुविधा मुहैया है. ऐसा शमशेरगंज के लोगों का कहना है. उनलोगों की माने तो निगम का दर्जा मिलने के बाद एक ही व्यक्ति पार्षद कई वषों तक बने रहें. इसके बाद भी इनलोगों का इसका लाभ नहीं मिल पाया है. वार्ड पार्षद बनने के बाद विकास कार्य में गति आयी है. देर से ही सही कई फेजों में खड़ंजा सड़क को पीसीसी किया जा रहा है. रात के अंधेरे में अपने ही घर जाने को डरते हैं वार्ड के लोग वार्ड के मोहल्ले के लोगों का कहना है कि सड़क की बदहाली इस तरह है कि दिन में किसी तरह आवागमन कर लेते हैं. सड़क पर गढ्ढे इतने हैं कि लोग शाम होते ही अपने घर जाने में भय खाते हैं. इसी सड़क होकर पारा मेडिकल प्रशिक्षण केन्द्र के छात्र-छात्राओं का भी आवागमन होता है. उनलोगों का कहना है कि करोड़ों रुपये से उक्त संस्थान का निर्माण करा दिया गया. लेकिन उक्त संस्थान में आवागमन के लिए मुक्कमल सड़क नहीं होने के कारण हल्की बारिश में ही सड़क पर जलजमाव होने से काफी परेशानी होती है. दो फेज में करीब एक सौ फीट बनी सड़क मुख्य सड़क से शमशेरगंज तक जाने वाली खड़ंजा सड़क करीब ढाई किलोमीटर लम्बी है. निगम को बार- बार इससे अवगत कराया गया. कई बार टेंडर भी निकाला गया. टेंडर डाले भी गये लेकिन पुन: वापस लिये जाने की वजह से परेशानी हुई. उक्त सड़क को टुकड़ों में निर्माण कराने को लेकर बात बनी है. अब तक करीब एक सौ फीट लम्बी पीसीसी सड़क का निर्माण करा लिया गया है. शेष ही मुख्य सड़क तक उक्त ब्रांच सड़क को मिला दिया जायेगा. मुर्सरत जहां, पार्षद, वार्ड नम्बर दो

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By RAJKISHOR K

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