कटिहार सरकारी एंबुलेंस कर्मचारियों के साथ अब तक सरकार की कोई वार्ता नहीं होने के कारण सोमवार को सरकारी 102 एम्बुलेंस का चौथे दिन भी परिचालन पूरी तरह से ठप रहा. अपनी मांगों के समर्थन में 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ के बैनर तले एंबुलेंस के चालक और ईएमटी सदर अस्पताल परिसर में धरना पर बैठे रहे. समर्थन में बैठे संघ के मुख्य संरक्षक भाजपा मजदूर नेता विकास सिंह ने कहा की आज चौथा दिन हो गया है. सरकार के द्वारा कोई भी एंबुलेंस कर्मियों को लेकर सकारात्मक वार्ता के लिए सामने नहीं आया है. संरक्षक सिंह ने कहा कि सरकारी एंबुलेंस ठप रहने से न केवल मरीजों को परेशानी हो रही है. बल्कि एंबुलेंस के चालक और ईएमटी के घर परिवार पर भी इनका असर पड़ रहा है. बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भाजपा के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी कटिहार जिला प्रभारी मंत्री नीरज कुमार बबलू सिंह राज्य स्वास्थ्य समिति के बिहार निदेशक से मांग करते हुए कहा कि जल्द से जल्द 102 एंबुलेंस के चालक एवं ईएमटी कर्मचारियों की प्रमुख मांगे में बिहार सरकार श्रम संसाधन विभाग के द्वारा घोषित न्यूनतम मजदूरी 21 हजार रुपया प्रति आठ घंटा, बिना सर्त नियुक्ति पत्र, पिछले नवंबर माह का वेतन का भुगतान, कर्मचारियों के वेतन के साथ-साथ ससमय इपीएफ एवं ईएसआईसी का अंशदान संबंधित कार्यालय में जमा करना, पे स्लिप, बकाया दो महीने के वेतन का भुगतान, दुर्घटना बीमा में कम से कम 30 लाख रुपया का मुआवजा देने का अनुरोध किया. मुख्य संरक्षक सिंह ने कहा कि जब से जैन प्लस नमक एजेंसी 102 का संचालन कर रही है. कर्मचारियों का जीना दुर्लभ हो गया है. एजेंसी के द्वारा आठ घंटे के बदला 12 घंटा कार्य कराया जाता है. वेतन मात्र 10 हजार 400 रुपया दिया जाता है. कहा कि पूरे बिहार में सबसे कम मजदूरी और सबसे ज्यादा काम करने के बावजूद भी कोई शुध लेने वाला नहीं है.
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