कटिहार अमर शहीदों की शहादत के अधूरे लक्ष्य व उद्देश्य की पूर्ति के लिए संकल्प भारत की क्रान्तिकारी समाजवादी पार्टी (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) के राज्य समिति सदस्य कामरेड जहूर आलम, वीरेंद्र नारायण मंडल, जिला समिति सदस्य कामरेड राजेन्द्र पांडेय ने बताया कि अमर शहीद सरदार भगत सिंह, सुखदेव व राजगुरू शहादत दिवस पर पटना में सेमिनार आयोजित की गयी. जबकि उसके अगले दिन 24 मार्च से पार्टी कार्यकर्ताओं का सैद्धान्तिक राजनीतिक प्रशिक्षण शिविर शुरू की गयी. यह प्रशिक्षण शिविर शनिवार तक आयोजित की गयी है. पटना से लौटने के बाद अमर शहीदों के विचारों का उल्लेख करते हुए कहा कि वर्तमान् ढांचा, जो दूसरों की मजबूरियों के बूते पर खड़ा है. एक ज्वालामुखी के मुहाने पर बैठा है. सभ्यता के इस ढांचे को यदि समय रहते न संभाला गया तो यह ढेर हो जायेगा. इसके लिए जड़ से परिवर्तन की जरूरत है. जब तक यह नहीं किया जाता, जब तक मनुष्य के हाथों मनुष्य का और राष्ट्र के द्वारा राष्ट्र के शोषण को समाप्त नहीं किया जाता. तब तक मनुष्यता के सिर पर मंडरा रहे दुखों का अन्त नहीं हो सकता और खून को बहने से रोका नहीं जा सकता है. लड़ाई को खत्म करने और संसार में शांति के युग का आधार बनाने की सारी बातें पाखंड के अलावा कुछ नहीं है. उन्होंने कहा कि क्रांति से हमारा तात्पर्य ऐसी व्यवस्था कायम करने से है. इस तरह टूटने का खतरा न हो और एक विश्व संगठन के जरिए मनुष्यता को पूंजीवाद के बंधनों और साम्राज्यवादी युद्धों की तबाही से साहस के साथ बचाया जाय.
अमर शहीदों के सपनों का भारत बनाने की जरूरत
अमर शहीदों के सपनों का भारत बनाने की जरूरत
