कोढ़ा माहे रमजान के चौथे जुम्मे की नमाज़ पूरे एहतराम, अकीदत, ख़ुलूस के साथ अदा की गयी. नमाज़ से पहले ही बड़ी तादाद में रोजेदार व नमाजी मस्जिदों में पहुंचने लगे. वक्त होते-होते मसाजिदें नमाजियों से खचाखच भर गयी. मूसापुर, बाहरखाल, उत्तरी सिमरिया, दक्षिणी सिमरिया, बिशनपुर, मखदूमपुर, पवई समेत कई इलाक़ों की मसाजिदों में चौथे जुम्मे की नमाज बड़ी अकीदत के साथ अदा की गयी. गेड़ाबाड़ी बाजार स्थित मस्जिद के इमाम मौलाना मो बिलाल ने कहा कि रोजा इंसान को गुनाहों से महफूज रखने का सबसे बड़ा जरिया है. वह शख्स बड़ा बदनसीब है जिसे रमजान जैसा रहमतों और बरकतों वाला महीना नसीब हो और वह बिना किसी मजबूरी के रोजा न रखे. ऐसा इंसान एक बड़ी नेमत से महरूम रह जाता है. लोगों की निगाहें अब चांद के दीदार पर टिकी हुई है. 19 मार्च को चांद नजर आता है तो 20 मार्च को ईद-उल-फितर मनायी जायेगी. अगर ऐसा नहीं होता है तो आने वाला जुम्मा अलविदा जुम्मा कहलायेगा. चांद नजर आने पर 21 मार्च को ईद-उल-फितर का त्योहार अकीदत के साथ मनाया जायेगा.
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