मल्टीकम्पलेक्स बनाने में बेतरतीब तरीके से बनी कटरा व्यवस्था बाधक

मल्टीकम्पलेक्स बनाने में बेतरतीब तरीके से बनी कटरा व्यवस्था बाधक

– बेतरतीब तरीके से बनाये गये हैं कटरा न्यू मार्केट में सैकड़ों दुकानें जैसे तैसे हो रही संचालित नगर निगम अपने राजस्व को बढ़ाने की दिशा में नहीं कर रहा कोई काम कटिहार नगर निगम अपने राजस्व को बढ़ाने की दिशा में जहां के तहां है. या यूं कहे कि इस दिशा में नगर निगम कोई काम नहीं कर रहा है. 1997-98 में तत्कालीन डीएम ने निगम के आंतरिक संसाधन व्यवस्था में सुधार के निमित राजेन्द स्टेडियम, कर्पूरी मार्केट, निगम को अलॉटमेंट किया था. आज तक उक्त जमीन को निगम अपने नाम म्यूटेशन कराने में असक्षम रहा. मल्टीकम्पलेक्स बनाने की दिशा में कठिनाई सामने आ रही है. विधायक के लगातार पांच टर्म से चुने जाने, एमएलसी स्थानीय होने के बाद भी बेतरतीब तरीके से बनाये गये कटरा से वसूली की दिशा में भी पहल नहीं होने से न्यू मार्केट में सैकड़ों दुकाने जैसे तैसे संचालित हो रही है. शहर के प्रबुद्धजनों की माने तो निगम की ओर से बनाये गये करीब 1134 से अधिक कटरा हैं. जहां से निगम को आय की प्राप्ति होती है. इसको लेकर गंभीर नहीं होने की वजह से जैसे तैसे संचालित हो रहा है. कहा जाये तो अतिश्योक्ति नहीं होगी. शहर के प्रबुद्ध जनों का कहना है कि उस जमीन का नामांतरण नहीं कराया जाने के कारण इनके नाम से कोई निबंधन नहीं हुआ. वो जमीन नगर निगम का पीडब्लूडी बिल्डिंग का है. 2005 के बाद सरकार बदलने के बाद नियम बदल गया. जिससे सेटलमेंट नहीं हो पाया. आखिर कैसे इन सभी जगहों से टैक्स व भाडा आदि की वसूली की जा रही है. इस पर भी सवाल खड़ा हो रहा है. निगम के अंतर्गत आनेवाले सभी बाजार की हालत बद से बदतर है. हालांकि निगम की ओर से प्रचार प्रसार व अभियान चलाकर होल्डिंग टैक्स से लेकर कटरे से भाड़ा जमा करने के लिए कहा जा रहा है. सबसे अधिक न्यू मार्केट से होती है राजस्व की प्राप्ति आमजन व कई पार्षदों की माने तो निगम अंतर्गत कई जगहों पर बाजार हैं. जहां से भाड़े के तौर पर राजस्व की प्राप्ति होती है. जिसमें मुख्य रूप से न्यू मार्केट, जहूर ब्लॉक, राजेन्द्र स्टेडियम, कालिका बाजार पांच, बस पडाव, उत्कर्ष बाजार, प्रगति बाजार, कर्पूरी मार्केट, अम्बेडकर बाजार शामिल हैं. जहां करीबन पचास से साठ लाख सालाना राजस्व की प्राप्ति होती है. सबसे अधिक वार्ड नम्बर तीस व 31 में न्यू मार्केट जहां करीब चार सौ से अधिक दुकाने हैं. वहां से सबसे अधिक राजस्व की प्राप्ति होती है. वन टाइम सेटलमेंट के तहत नहीं लगेगा ब्याज निगम के राजस्व बढ़ाने को लेकर कई तरह के कार्य जारी है. खासबर होल्डिंग टैक्स से लेकर कटरे से आने वाले राजस्व को लेकर गंभीर हैं. वन टाइम सेटलमेंट के तहत उपभोक्ताओं को काफी रियायत दी जा रही है. इसके अंतर्गत ब्याज माफ करने का प्रावधान रखा गया है. 31 मार्च 26 तक पुराना बकाया व नया कर निर्धारण में छूट निर्धारित है. इसको लेकर प्रचार प्रसार माइकिंग के माध्यम से किया जा रहा है. चौक चौराहों से लेकर वार्डवाइज कराया जा रहा है. इतना ही नहीं वार्डवार कैम्प लगाकर इस दिशा में सुधार किया जायेगा. उषा देवी अग्रवाल, मेयर, नगर निगम, कटिहार

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Author: RAJKISHOR K

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