– शिलान्यास के चार माह बाद भी कार्य नहीं हुआ शुरू, ग्रामीणों में बढ़ रही नाराजगी
समेली
बरारी विधानसभा क्षेत्र के कुसियारी गांव की मुख्य सड़क की हालत आज भी जर्जर बनी हुई है. चुनाव से पहले विधायक विजय सिंह ने सड़क के सुंदरीकरण और प्रबंधन कार्य का शिलान्यास किया गया था. शिलापट्ट लगने के बाद ग्रामीणों को उम्मीद थी कि जल्द निर्माण शुरू होगा और सालों पुरानी परेशानी खत्म होगी. पर विधानसभा चुनाव बीते करीब चार महीने हो गए, जमीन पर एक ईंट भी नहीं लगी. टूटी सड़क, कीचड़ और जलजमाव के बीच जीने को मजबूर ग्रामीणों का सब्र अब टूट रहा है. कुसियारी गांव की यह सड़क ही ग्रामीणों के आवागमन का एकमात्र सहारा है. पर जगह सड़क उखड़ चुकी है. बड़े गड्ढे हो गए हैं. पैदल चलना तक मुश्किल है. बरसात आते ही स्थिति और खराब हो जाती है. सड़क पर पानी भर जाता है और कीचड़ इतना हो जाता है कि बच्चों को स्कूल कॉलेज जाने के लिए उसी कीचड़ से होकर गुजरना पड़ता है. सुबह स्कूल जाने वाले छात्रों का यूनिफॉर्म रोज कीचड़ से सन जाता है. अभिभावक भी परेशान हैं.
किसानों को परेशानी अधिक
किसानों की मुसीबत सबसे ज्यादा है. खेतों से धान, गेहूं और सब्जी की फसल निकालकर घर या बाजार तक लाने के लिए यही सड़क इस्तेमाल होती है. पर टूटी सड़क और गड्ढों के कारण छोटे वाहन और ट्रैक्टर फंस जाते हैं. कई बार फसल रास्ते में ही गिर जाती है. समय पर मंडी नहीं पहुंचने से किसानों को दाम भी कम मिलता है. सीधा आर्थिक नुकसान हो रहा है. गांव के मो हजरत, अफसर आलम, परवेज आलम, मो इंतजार, मो हाफिजुद्दीन, तबरेज़, मो इफ्तेखार, अल्ताफ, रोजीव समेत दर्जनों ग्रामीणों ने बताया कि शिलान्यास के समय विधायक जी ने जल्द काम शुरू करने का वादा किया था. गांव में खुशी का माहौल था. लगा था अब समस्या का समाधान होगा. पर चार महीने बाद भी सिर्फ शिलापट्ट ही दिख रहा है. काम का कोई अता पता नहीं है. अब लोग पूछ रहे हैं कि शिलान्यास सिर्फ चुनावी वादा था क्या. ग्रामीणों का कहना है कि हर बार चुनाव से पहले नेता आते हैं, फोटो खिंचाते हैं, शिलापट्ट लगा जाते हैं. पर काम शुरू नहीं होता. विभाग के चक्कर काटते काटते लोग थक गए हैं. जेई और ठेकेदार का कोई नामोनिशान नहीं है. सड़क की हालत देखकर मरीज को अस्पताल ले जाना भी जोखिम भरा हो गया है. एंबुलेंस भी फंस जाती है. स्थानीय लोगों ने प्रशासन और जनप्रतिनिधियों से मांग की है कि बरसात शुरू होने से पहले सड़क निर्माण का काम शुरू कराया जाए. यदि समय रहते मरम्मत नहीं हुई तो बारिश में हालात और बिगड़ जाएंगे. तब गांव का संपर्क पूरी तरह टूट जाएगा. बच्चों की पढ़ाई बाधित होगी और किसानों की फसल खेत में ही सड़ जाएगी.
ग्रामीणों ने दी आंदोलन की चेतावनी
कुसियारी के ग्रामीण अब आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं. उनका कहना है कि यदि जल्द सड़क नहीं बनी तो सभी लोग शिलापट्ट के सामने धरना देंगे. शिलान्यास तो हो गया, अब निर्माण भी कराओ. ग्रामीणों की मांग है कि संबंधित विभाग तुरंत संज्ञान ले और ठेकेदार को काम शुरू करने का निर्देश दे. सड़क विकास की बुनियाद होती है. पर कुसियारी की यह सड़क आज भी उपेक्षा की कहानी कह रही है. शिलापट्ट लगा है, वादे हुए हैं, पर धरातल पर बदलाव शून्य है अब देखना यह है कि ग्रामीणों की नाराजगी प्रशासन को कब तक जगाती है.
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