कदवा कदवा प्रखंड के लीलजी धार निर्माण कार्य स्थल पर पुल निर्माण कार्य समय अवधि बीतने के एक साल बाद भी पुरा नहीं हो सका है. जिससे लोगों को आवागमन की समस्या बनी हुई है. बोर्ड में कार्य आरंभ की तिथि 5 फरवरी 2024 तथा कार्य पूर्ण होने की तिथि 4 फरवरी 2025 है. अबतक पुल निर्माण कार्य अधर में लटका हुआ है. टी 01 कोठी टोला से कचौड़ा भाया मंझेलि चौकी पथ में स्थित लीलजीधर में 5 करोड़ 29 लाख 78 हजार 399 रुपये की लागत से उच्च स्तरीय पूल निर्माण कार्य में संवेदक की मनमानी रवैया चरम सीमा को पार करती नजर आ रही है. क्षेत्र भ्रमण के दौरान देखा गया कि पुल निर्माण कार्य एजेंसी के द्वारा अपने मनमाने तरीके से कार्य किया जा रहा है. कार्य स्थल पर लगे पुल निर्माण कार्य का बोर्ड में कार्य आरंभ की तिथि 5 फरवरी 2024 और कार्य पूर्ण की तिथि 4 फरवरी 2025 अंकित है. जिससे स्पष्ट होता है कि कार्य पूर्ण की तिथि के एक वर्ष बीत जाने बाद भी पुल निर्माण कार्य अधर पर लटका हुआ है. संवेदक पर किसी प्रकार की कोई ठोस कार्रवाई नहीं की जा रही है. पुल निर्माण कार्य में कार्य एजेंसी के द्वारा पुराना जंग लगा हुआ सरिया का प्रयोग किया जा रहा है. लिलजीधार का मिट्टी काट कर पुल में प्रयोग किया जा रहा है. जबकि नियमावली के अनुसार पूल निर्माण कार्य स्थल से मिट्टी काट कर पूल में प्रयोग करना अनुचित कार्य है. संवेदक की मनमानी इतनी ज्यादा है कि कार्य स्थल कार्य कर रहे मजदूरों की सुरक्षा के लिए कोई व्यवस्था नही किया गया है. कार्य स्थल पर कंस्ट्रक्सन का एक भी जेई मौजूद नहीं दिखे. जबकि नियमावली के अनुसार कार्य स्थल पर कंस्ट्रक्सन का तीन जेई मौजूद होना चाहिए. इस बाबत कनीय अभियंता राजन कुमार से पूछे जाने पर उन्होंने कहा कि पुल निर्माण कार्य में जो भी कमी है. उसपर सुधार किया जायेगा. बहरहाल जो भी हो संवेदक की इतनी मनमानी के बाबजूद भी कनीय अभियंता के द्वारा लीपापोती कर जवाद देना और ऐसे संवेदक पर किसी प्रकार की कोई ठोस करवाई नही होना एक बड़ा सवाल खड़ा करता है.
5.29 करोड़ से बन रहा पुल निर्माण कार्य अधूरा
5.29 करोड़ से बन रहा पुल निर्माण कार्य अधूरा
