कटिहार नव वर्ष जहां एक ओर जिले के साढ़े चार हजार शिक्षकों के घर खुशियां लेकर आया था. ईद आते आते शिक्षकों के चेहरे पर हताशा और निराशा छाने लगी है. इन बातों का जिक्र करते हुए बिहार स्टेट टीचर्स एसोसिएशन गोपगुट के जिला अध्यक्ष राजेश सिन्हा, महासचिव राजीव कुमार, कोषाध्यक्ष ऋषिकांत, उपाध्यक्ष मनोज पासवान, सचिव जितेंद्र कुमार ने बताया कि तीन महीने पूरे होने को है. पर अभी तक विभिन्न प्रकार के अड़चनों के कारण शिक्षकों को वेतन नहीं मिला है. एक लंबे संघर्ष के बाद स्थानीय निकाय के शिक्षक विशिष्ट शिक्षक के रूप में राज्यकर्मी का दर्जा प्राप्त किये थे. लेकिन उन्हें राज्यकर्मी का वेतन कब मिलेगा. इसकी जानकारी शायद ही किसी को हो शिक्षा विभाग के स्तर से पत्र निर्गत कर वेतन भुगतान का आदेश तो दिया जा रहा है. पर जिस गति से कार्य किया जाता है और जिस प्रकार से स्थानीय स्तर के पदाधिकारी उच्चाधिकारियों के पत्र को तवज्जो देते है. इसका अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि अभी तक आधे शिक्षकों को भी वेतन प्राप्त नहीं हो सका है. होली के रंग तो पहले ही फीकी हो चुकी है. अब ईद पर भी वेतन मिलेगा कि नहीं. इसकी कोई गारंटी सुनिश्चित होते नहीं दिख रही है. उन्होंने कहा कि संघ के स्तर से वेतन भुगतान का कई बार प्रयास किया गया है. शिक्षकों की होली पहले ही फीकी हो चुकी है. अब ईद के अवसर पर भी शिक्षा विभाग उनके चेहरे पर मुस्कान ला पायेगा या नहीं. यह संशय अभी भी बना हुआ है. एक ओर जहां शिक्षक हताश और निराश है. वहीं दूसरे ओर विभागीय पदाधिकारी पत्र निकाल निकाल कर उनका मजाक उड़ाते है. शिक्षक नेताओं ने जल्द से जल्द वेतन भुगतान की मांग की है.
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