कटिहार के कदवा से अर्चना राय की रिपोर्ट
Road Waterlogging: कटिहार जिला अंतर्गत कदवा प्रखंड की महत्वपूर्ण सड़कों में शुमार सोनैली-कुम्हड़ी मुख्य मार्ग इन दिनों राहगीरों और वाहन चालकों के लिए आफत का सबब बन चुका है. गुरुवार को प्रखंड क्षेत्र में दिनभर रुक-रुक कर हुई मानसूनी बारिश के कारण इस मुख्य सड़क पर भारी जलजमाव और कीचड़ की स्थिति उत्पन्न हो गई है. सबसे बदतर हालात सोनैली रेलवे स्टेशन के ठीक समीप बुद्धू चौक के पास बने हुए हैं, जहां सड़क पर करीब एक से डेढ़ फीट तक गंदा पानी जमा है. इस कारण रेल यात्रियों और स्थानीय दुकानदारों को नारकीय स्थिति के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है.
‘शोपीस’ बना करोड़ों का नाला; रिपेयरिंग के अभाव में जाम हैं मुहाने
स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों के अनुसार, इस प्रशासनिक उपेक्षा की कड़ियां काफी पुरानी हैं:
- वर्षों पुरानी समस्या: बुद्धू चौक और रेलवे स्टेशन के आस-पास जलभराव की यह समस्या कोई नई नहीं है. हर साल मामूली बारिश के बाद भी पूरी सड़क जलमग्न हो जाती है.
- अवरुद्ध ड्रेनेज सिस्टम: स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क किनारे जल निकासी के लिए पक्का नाला तो बना हुआ है, लेकिन उचित साफ-सफाई और रखरखाव के अभाव में नाला पूरी तरह जाम हो चुका है. नाले के आउटफॉल (निकासी मुहाने) बंद होने के कारण बारिश का पानी नालों में जाने के बजाय वापस सड़क पर बहने लगता है.
- बढ़ रहा हादसों का ग्राफ: सड़क पर गहरे गड्ढे होने और उन पर पानी जमा रहने के कारण अक्सर दोपहिया वाहन चालक और साइकिल सवार अनियंत्रित होकर गिर रहे हैं, जिससे लोग चोटिल हो रहे हैं.
जदयू जिला महासचिव सहित दर्जनों ग्रामीणों ने खोला मोर्चा; आंदोलन की चेतावनी
प्रशासनिक उदासीनता: “करोड़ों की लागत से नाला बनने के बाद भी अगर जनता को कीचड़ और बदबूदार पानी से होकर स्टेशन जाना पड़े, तो यह स्थानीय इंजीनियरिंग विंग और ठेकेदारों की लापरवाही को दर्शाता है.”
सड़क की इस जर्जर स्थिति और जल निकासी की मुकम्मल व्यवस्था न होने को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा है. जदयू (JDU) जिला महासचिव श्रवण कुमार साह के नेतृत्व में पारस जैन, दिनेश प्रसाद साह, जयप्रकाश साह, रमा साह, मो. पप्पू, श्रवण पोद्दार, विजय कुमार, विजय साह, सीताराम साह, रोहित साह, रमेश साह और बलराम साह समेत दर्जनों प्रबुद्ध नागरिकों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन करते हुए जिला प्रशासन और कार्यपालक अभियंता से गुहार लगाई है.
ग्रामीणों की मुख्य मांगें:
- सड़क का जीर्णोद्धार: बुद्धू चौक के पास जर्जर हो चुकी सड़क की तुरंत मरम्मत (पैच वर्क) कराई जाए.
- नालों का अतिक्रमण मुक्त होना: नाले के ऊपर किए गए अवैध निर्माण को हटाकर पोकलेन और जेसीबी मशीनों से इसकी सिल्ट सफाई कराई जाए, ताकि पानी का बहाव सुचारू हो सके.
ग्रामीणों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यदि अगले ४८ घंटों के भीतर जलजमाव वाले हॉटस्पॉट से पानी पंप आउट नहीं किया गया और जलनिकासी की स्थायी व्यवस्था शुरू नहीं हुई, तो वे सोनैली-कुम्हड़ी मार्ग को पूरी तरह जाम कर उग्र प्रदर्शन करने को बाध्य होंगे.
