हाट में खुले आसमान के नीचे जले कचरे पर सजायी दुकानें

हाट में खुले आसमान के नीचे जले कचरे पर सजायी दुकानें

कुरसेला कुरसेला हाट के अग्नि पीड़ित दुकानदार बरबादी के दुख से बाहर निकलने की कोशिश में लगे है. हाट के छोटे दुकानदारों के अगलगी घटना के बाद व्यवसाय के बिना परिवार का भरण पोषण करना कठिन हो गया है. विवशता में कुछ छोटे दुकानदारों ने कर्ज से पूंजी का जुगाड़ कर दुकानों को चलाना प्रारम्भ कर दिया है. हाट के मसाला, कपड़ा व्यवसाय से जुड़े दुकानदार आग क्षति के सदमे से बाहर नहीं निकल पा रहा है. पुराने कर्जो को चुकाने और नया ऋण लेकर पूंजी का जुगाड़ समस्या बनी हुई है. हाट के कपड़ा मसाला किराना दुकानदारों ने दुकानों की सफाई करना प्रारम्भ कर दिया है. इन दुकानों को प्रारम्भ करने के पूर्व पक्का मकान सड़क पानी बिजली शौचालय आदि की व्यवस्था किये जाने की जानकारी सामने आयी है. ताकि भविष्य मे किसी तरह के आपदा के अनहोनी से दुकानों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके. जानकारी अनुसार अगलगी घटना के सप्ताह के करीब होने के बाद आग प्रभावित दुकानदारों के लिए सरकार व प्रशासन राहत क्षतिपूर्ति राशि का घोषणा नहीं कर सकी है. जिससे पीड़ित दुकानदारों में असंतोष आक्रोश व्याप्त है. सांसद राजेश रंजन उर्फ पप्पू यादव ने कुरसेला हाट पहुंचकर अगजली पीड़ित छोटों दुकानदारों को राहत सहायता प्रदान किया था. दूसरे दिन आग पीड़ित दुकानदारों को पूर्णिया मे राहत राशि दिया गया. आग से व्यापक क्षति के बाद पीड़ित दुकानदार दुकानों को प्रारम्भ करने के प्रयास में लगा हुआ है. हाट के बड़े दुकानदारों को दुकानों को प्रारम्भ करने में पखवाड़ा से लेकर माह दो माह का समय लग सकता है. छोटी पूंजी के दुकानदारों ने खुले आसमान के नीचे हाट में दुकानों को लगा कर व्यवसाय प्रारम्भ कर दिया है. हाट में छोटे दुकानों के लगने से छायी विरानगी में थोड़ी सी रौनक लौटी है. इससे इतर सांसदों विधायकों के लगातार हाट के आग से क्षति बदहाली का जायजा लेने के बाद सरकारी स्तर पर राहत सहायता का घोषणा नहीं हो सका है.

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By RAJKISHOR K

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