कटिहार से नीरज की रिपोर्ट
Robbery Extortion: कटिहार जिले के मुफस्सिल थाना क्षेत्र में बीते दिनों एक युवक के साथ बेरहमी से मारपीट कर उसकी मोटरसाइकिल और मोबाइल लूटने तथा बाद में गाड़ी वापस करने के एवज में ₹50,000 की रंगदारी (Extortion) मांगने के सनसनीखेज मामले का पुलिस ने सफल उद्भेदन (खुलासा) कर दिया है. पुलिस ने इस गिरोह के मुख्य सरगना को गिरफ्तार कर उसके पास से लूटी गई स्प्लेंडर प्लस बाइक और रियलमी मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है. इस बड़ी कार्रवाई से क्षेत्र के अपराधियों में हड़कंप मच गया है.
शौच के लिए रुके मित्र, 7-8 अपराधियों ने घेरकर की थी लूटपाट
इस दुस्साहसिक वारदात के घटनाक्रम और पीड़ित द्वारा दर्ज कराई गई प्राथमिकी का विवरण निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से समझा जा सकता है:
- वारदात की पृष्ठभूमि: पीड़ित वादी नवी हुसैन (उम्र लगभग 20 वर्ष, पिता- मो. जब्बार), जो मूल रूप से पूर्णिया जिले के मीरगंज थाना अंतर्गत रंगपुर (वार्ड नंबर-12) के निवासी हैं, उन्होंने मुफस्सिल थाने में लिखित आवेदन देकर न्याय की गुहार लगाई थी.
- दलन चौक पर हमला: आवेदन के अनुसार, नवी हुसैन अपने मित्र गुलफराज के साथ किसी काम से कटिहार आए थे. रात करीब 08:30 बजे जब वे मुफस्सिल थाना क्षेत्र के दलन चौक के पास सड़क किनारे शौच करने के लिए रुके, तभी अचानक 7 से 8 अज्ञात बदमाशों ने उन्हें घेर लिया. अपराधियों ने दोनों मित्रों के साथ जमकर मारपीट की और उनकी स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल, रियलमी कंपनी का मोबाइल फोन व अन्य कीमती सामान लूटकर फरार हो गए.
बाइक वापस करने के बदले मांगी ₹50,000 की रंगदारी
रंगदारी की कॉल: पीड़ित ने पुलिस को बताया कि घटना के बाद आरोपियों ने उसी के लूटे गए मोबाइल नंबर से फोन किया. अपराधियों ने धमकी देते हुए कहा कि यदि वे अपनी मोटरसाइकिल और मोबाइल सुरक्षित वापस चाहते हैं, तो उन्हें ₹50,000 की रंगदारी देनी होगी. इस गंभीर मामले को लेकर मुफस्सिल थाने में कांड संख्या-197/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई.
एसपी के निर्देश पर बनी स्पेशल टीम, मुख्य आरोपी इकबाल दबोचा गया
पुलिसिया कार्रवाई और बरामदगी:
राष्ट्रीय राजमार्ग और मुख्य चौक पर हुई इस वारदात को गंभीरता से लेते हुए कटिहार के पुलिस अधीक्षक (SP) शिखर चौधरी ने अपराधियों की अविलंब गिरफ्तारी का आदेश जारी किया. एसपी के निर्देशानुसार अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सदर-01 विशाल आनंद के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया.
गठित स्पेशल टीम ने वैज्ञानिक दृष्टिकोण अपनाते हुए तकनीकी अनुसंधान (सर्विलांस) और मानवीय सूचना (मिसिंग मोबाइल और कॉल लोकेशन) के आधार पर त्वरित कार्रवाई की. पुलिस ने जाल बिछाकर मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भेगा गांव में सतत छापेमारी की और मुख्य आरोपी इकबाल (उम्र 22 वर्ष, पिता- मो. मकसूद) को रंगेहाथ दबोच लिया.
पुलिस टीम ने गिरफ्तार इकबाल की निशानदेही पर पीड़ित से लूटी गई स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल और रियलमी का मोबाइल फोन पूरी तरह सुरक्षित बरामद कर लिया है. एसडीपीओ विशाल आनंद ने बताया कि इकबाल ने पूछताछ में घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है और अपने अन्य फरार साथियों के नामों का भी खुलासा किया है. पुलिस इस गिरोह के बाकी सदस्यों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है और गिरफ्तार मुख्य आरोपी को जेल भेजने की कानूनी प्रक्रिया में जुट गई है.
