आजमनगर जदयू प्रखंड अध्यक्ष सुनील सिन्हा ने 20 सूत्री कार्यालय में प्रेस वार्ता आयोजित कर आजमनगर अंचल व अंचल कर्मियों पर भू-नामांतरण के नाम पर आमलोगों से जबरन वसूली किये जाने सहित कई संगीन आरोप लगाए हैं. प्रेस वार्ता में जदयू प्रखंड अध्यक्ष सुनील सिन्हा ने आजमनगर अंचल में कई ऐसे कर्मचारी हैं जो कार्य के प्रति काफी लापरवाह है. इन दिनों अंचल से दो ऐसे मामले सामने आए हैं. जो चिंता का विषय बना हुआ है. भूपेश सिंह नामक व्यक्ति जमीन क्रय करने के बाद म्यूटेशन में डालता है. वाद संख्या- 2868 वित्तीय वर्ष 24/25 है. राजस्व कर्मचारी द्वारा स्थलीय जांच प्रतिवेदन दिए जाने के बावजूद अंचलाधिकारी के तरफ से एक डोंगल से दूसरे डोंगल में सुधार के नाम पर घुमाया जाता रहा है. राजस्व कर्मचारी बदल जाते हैं. जो वर्णित वाद में किसी अन्य का दखल कब्जा दिखा दिये. यहां अंचल प्रशासन की उदासीनता है. जांच रिपोर्ट को गुमराह करते हुए रिजेक्ट करने का काम किया है. जांच के नाम पर एक डोंगल से दूसरे डोंगल में घुमाया जाता रहा. तब जाकर चार माह बाद अस्वीकृत कर दिया. एक वाद संख्या-239/25-26 में एक पुत्र मात्र विक्रेता जो अपने पिता के नाम की भूमि को अपनी पत्नी के नाम रजिस्ट्री कर दिए जाने पर के बाद म्यूटेशन के लिए डालते हैं. इस जमीन में किसी तरह का कोई व्यवधान नहीं रहता है. बावजूद दखल कब्जा को लेकर विवाद के आधार पर अस्वीकृत कर दिया. जब सीओ को मामले से अवगत कराया गया तो उन्होंने कोई संज्ञान नहीं लिया. साथ हीं आंचल में हयात नाम का एक कर्मचारी है जो म्यूटेशन के नाम सीओ मैनेज का हवाला देकर लोगों से आर्थिक दोहन का आरोप लगाया है. जदयू प्रखंड अध्यक्ष ने राजस्व एवं भूमि विभाग के अपर सचिव डॉ महेंद्र पाल को भी पत्र भेज कर मामले से अवगत कराने की बात कही है. आजमनगर अंचल अधिकारी रिजवान आलम ने कहा जदयू प्रखंड अध्यक्ष सम्मानित व्यक्ति हैं. उनके द्वारा जो आरोप लगाए गए हैं. सभी बे-बुनियाद हैं और जो भी नामांतरण वाद निष्पादन किए गए हैं वो विधि संबंध किया गया है.
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