कटिहार के फलका से अली अहमद की रिपोर्ट
Phalka Murder Case: कटिहार जिला अंतर्गत फलका थाना क्षेत्र के मोहजान गांव में सनसनी फैलाने वाले मनीष कुमार मंडल हत्याकांड की गुत्थी को पुलिस ने 48 घंटे के भीतर सुलझाने का दावा किया है. बभनी बहियार (खेत) में युवक की बेरहमी से गला रेतकर की गई हत्या के मामले में त्वरित एक्शन लेते हुए फलका थाना पुलिस ने मुख्य आरोपित महिला को गिरफ्तार कर लिया है. इस हाई-प्रोफाइल मर्डर मिस्ट्री के पीछे प्रेम-प्रसंग (Love Affair) की खूनी कड़ियां सामने आ रही हैं. पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से पीड़ित परिवार और ग्रामीणों को न्याय की उम्मीद जगी है, जो घटना के बाद से ही आक्रोशित थे.
बहियार में मिला था शव; परिजनों ने लगाया था प्रेम-प्रसंग की साजिश का आरोप
हत्याकांड की पृष्ठभूमि और शुरुआती कड़ियों का ब्यौरा निम्नलिखित है:
- वारदात की टाइमलाइन: बीते बुधवार की देर रात मोहजान गांव के बभनी बहियार में 20 वर्षीय मनीष कुमार मंडल की धारदार हथियार से गला रेतकर हत्या कर दी गई थी और साक्ष्य छुपाने की नीयत से शव को खेत में फेंक दिया गया था. सुबह शव मिलने पर पूरे इलाके में कोहराम मच गया था.
- नामजद प्राथमिकी: मृतक मनीष के परिजनों ने स्थानीय थाने में दिए आवेदन में साफ आरोप लगाया था कि प्रेम-प्रसंग के विवाद को लेकर एक सोची-समझी साजिश के तहत इस ऑनर किलिंग या मर्डर को अंजाम दिया गया है. परिजनों ने मुख्य महिला आरोपी सहित चार लोगों के खिलाफ नामजद एफआईआर (FIR) दर्ज कराई थी.
मायके में छिपी थी मुख्य आरोपी सीता देवी; पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा
गुप्त इनपुट पर रेड: “थानाध्यक्ष प्रहलाद यादव के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम को तकनीकी सेल (Technical Cell) और स्थानीय मुखबिरों से गुप्त सूचना मिली कि मुख्य आरोपी महिला सीता देवी गिरफ्तारी से बचने के लिए अपने मायके रहटा गांव में शरण लिए हुए है और वहां से भागने की फिराक में है.”
गिरफ्तारी और पूछताछ की मुख्य कड़ियां इस प्रकार हैं:
- योजनाबद्ध छापेमारी: सूचना मिलते ही फलका पुलिस ने बिना वक्त गंवाए रहटा गांव में महिला के मायके को चारों तरफ से घेर लिया. पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी महिला सीता देवी को घर के अंदर से ही हिरासत में ले लिया.
- सघन पूछताछ: गिरफ्तार महिला को कड़ी सुरक्षा के बीच फलका थाना लाया गया, जहां महिला विंग के अधिकारियों की मौजूदगी में उससे गहन पूछताछ (Interrogation) की जा रही है. थानाध्यक्ष के अनुसार, पूछताछ में महिला ने हत्या से जुड़े कई चौंकाने वाले राज उगले हैं और घटनास्थल पर अपनी मौजूदगी की कड़ियों को स्वीकार किया है.
पहले भी मिली थी जान से मारने की धमकी; फरार आरोपियों की तलाश में दबिश
मृतक के रोते-बिलखते परिजनों का आरोप है कि प्रेम-प्रसंग के इस विवाद को लेकर आरोपियों द्वारा मनीष को पहले भी कई बार रास्ते से हटाने और जान से मारने की सीधे तौर पर धमकी दी गई थी, जिसे मनीष ने गंभीरता से नहीं लिया था. परिजनों ने मांग की है कि मामले का स्पीडी ट्रायल (Speedy Trial) चलाकर दोषियों को फांसी की सजा दिलाई जाए.
थानाध्यक्ष प्रहलाद यादव ने बताया कि गिरफ्तार महिला के बयान और वैज्ञानिक साक्ष्यों (FSL और सर्विलांस डेटा) के आधार पर पूरे घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा रहा है. घटना में शामिल अन्य तीन फरार सह-आरोपियों की संलिप्तता की भी पुष्टि हो चुकी है. पुलिस की अलग-अलग टीमें उनके संभावित ठिकानों और रिश्तेदारों के घरों पर लगातार दबिश दे रही हैं. पुलिस प्रशासन ने ग्रामीणों से क्षेत्र में शांति और संयम बनाए रखने की अपील की है और भरोसा दिलाया है कि अगले २४ घंटे के भीतर सभी फरार कातिलों को सलाखों के पीछे भेजकर मामले का पूर्ण पटाक्षेप (खुलासा) कर दिया जाएगा.
