कटिहार में पीसी-पीएनडीटी कानून के पालन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम, कन्या भ्रूण हत्या रोकने पर दिया जोर

कटिहार में कन्या भ्रूण हत्या और लिंग चयन रोकने के लिए PC&PNDT अधिनियम पर एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. चिकित्सकों और अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालकों ने कानून के प्रभावी अनुपालन और उल्लंघन पर सजा के प्रावधानों को समझा.

कटिहार में राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकार और तटवासी समाज न्यास द्वारा संचालित कवच 2.0 परियोजना के तहत सदर अस्पताल सभागार में पीसी एवं पीएनडीटी अधिनियम के प्रभावी अनुपालन को लेकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया. कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रभारी सिविल सर्जन डॉ एस सरकार ने की. इसमें जिले के चिकित्सकों और अल्ट्रासाउंड केंद्र संचालकों ने भाग लिया. वक्ताओं ने अधिनियम के प्रावधानों की जानकारी देते हुए इसके उल्लंघन पर होने वाली कानूनी कार्रवाई के बारे में भी बताया.

कन्या भ्रूण हत्या रोकने के लिए कानून का पालन जरूरी

प्रभारी सिविल सर्जन डॉ एस सरकार ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या और लिंग चयन जैसी सामाजिक बुराइयों को रोकने के उद्देश्य से पीसी एवं पीएनडीटी अधिनियम लागू किया गया है. उन्होंने कहा कि कानून की जानकारी समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना और इसके प्रावधानों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करना जरूरी है.

अल्ट्रासाउंड केंद्रों को फॉर्म-एफ भरना अनिवार्य

तटवासी समाज न्यास के कवच 2.0 परियोजना प्रबंधक फारूक आलम ने बताया कि गर्भ में पल रहे बच्चे के लिंग की जांच करना या उसकी जानकारी देना प्रतिबंधित है. अल्ट्रासाउंड केंद्रों को निर्धारित नियमों का पालन करने के साथ आवश्यक अभिलेख सुरक्षित रखना होगा. उन्होंने कहा कि केंद्र संचालकों के लिए फॉर्म-एफ भरना अनिवार्य है. नियमों का उल्लंघन करने पर कानूनी कार्रवाई का प्रावधान है.

उल्लंघन पर सजा और जुर्माने का प्रावधान

जिला विधिक सेवा प्राधिकार के मुख्य न्याय रक्षक विजय कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि अधिनियम का उद्देश्य कन्या भ्रूण हत्या पर रोक लगाने के साथ लिंग समानता और बालिकाओं के अधिकारों की रक्षा करना है. उन्होंने कहा कि अधिनियम के उल्लंघन पर तीन वर्ष तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है, जबकि दोबारा अपराध करने पर पांच वर्ष तक की सजा हो सकती है.

कानून के साथ सोच में बदलाव भी जरूरी

प्रखंड समन्वयक प्रदीप कुमार ने कहा कि कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराइयों को खत्म करने के लिए केवल कानून का सख्ती से पालन ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि समाज की सोच में भी बदलाव जरूरी है. उन्होंने लोगों से बेटियों के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण अपनाने की अपील की.

चिकित्सकों ने कानून के पालन का लिया संकल्प

कार्यक्रम में रोशन कुमार, सिंटू कुमार, डॉ नवीन कुमार सिंह, डॉ सैयद अख्तर, डॉ एस चौधरी, डॉ एसएम ठाकुर, डॉ एके देव सहित अन्य चिकित्सक और अल्ट्रासाउंड संचालक मौजूद रहे. सभी ने पीसी एवं पीएनडीटी अधिनियम के प्रावधानों का पालन करने और कन्या भ्रूण हत्या जैसी सामाजिक बुराइयों को रोकने में सहयोग करने का संकल्प लिया.


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By राणा प्रताप सिंह

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