अंगदान को लेकर कटिहार सदर अस्पताल से निकली जागरूकता रैली

Awareness Rally: कटिहार जिले में मृत्यु के बाद अंगदान और नेत्रदान जैसी पुनीत मानवीय संवेदना को बढ़ावा देने के लिए शुक्रवार को दधीचि देहदान समिति द्वारा एक विशाल जागरूकता रैली का आयोजन किया गया.

कटिहार से राणा सिंह की रिपोर्ट

Awareness Rally: आधुनिक चिकित्सा विज्ञान के इस दौर में किसी को नया जीवन और नई रोशनी देना ईश्वर की सबसे बड़ी सेवा मानी जाती है. इसी पावन उद्देश्य को लेकर शुक्रवार को कटिहार जिले में ‘नेत्रदान महादान, अंगदान जीवनदान’ के संकल्प के साथ एक भव्य जागरूकता रैली निकाली गई. दधीचि देहदान समिति (कटिहार शाखा) के तत्वावधान में आयोजित इस विशेष कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ जिला सदर अस्पताल परिसर से किया गया. रैली में भारी संख्या में प्रशिक्षु एएनएम छात्राओं, प्रबुद्ध नागरिकों, वरिष्ठ चिकित्सकों और विभिन्न सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया. हाथों में प्रेरणादायक संदेश लिखी तख्तियां और बैनर लिए युवा स्वास्थ्य कर्मी जब शहर की सड़कों पर उतरे, तो पूरा वातावरण मानवता की सेवा के संकल्प से गुंजायमान हो उठा.

शहर के मुख्य चौराहों पर गूंजे नारे; छात्राओं ने समझाया दान का महत्व

  • जागरूकता का रूट: सदर अस्पताल परिसर से रवाना होकर यह रैली शहर के विभिन्न प्रमुख व्यावसायिक मार्गों, संभ्रांत मोहल्लों और मुख्य चौक-चौराहों का भ्रमण करते हुए वापस अस्पताल परिसर में आकर संपन्न हुई.
  • गूंजे मानवता के नारे: पूरी रैली के दौरान ‘रोशनी बांटें, जीवन बचाएं’, ‘मृत्यु के बाद भी करें मानवता की सेवा’ और ‘अंगदान महादान’ जैसे नारे गूंजते रहे, जिसने राहगीरों और दुकानदारों को सोचने पर मजबूर किया.
  • एक निर्णय, कई जिंदगियां: रैली में शामिल प्रशिक्षु एएनएम छात्राओं ने आम लोगों को रोककर व्यावहारिक ढंग से समझाया कि इंसान की मृत्यु के बाद उसके अंग मिट्टी या राख में तब्दील हो जाते हैं. लेकिन यदि समय रहते नेत्रदान किया जाए, तो एक व्यक्ति दो नेत्रहीनों की अंधेरी दुनिया में उजाला ला सकता है. इसी तरह, अंगदान के माध्यम से किडनी, लिवर और हार्ट जैसे महत्वपूर्ण अंगों से कई गंभीर रोगियों को असमय मौत के मुंह में जाने से बचाया जा सकता है.

समाज से भ्रांतियां दूर करना जरूरी; मेयर उषा देवी ने की आगे आने की अपील

समिति और जनप्रतिनिधियों का संदेश: दधीचि देहदान समिति के पदाधिकारियों ने इस मौके पर गहरी चिंता जताते हुए कहा कि आज भी हमारे समाज में अंगदान और देहदान को लेकर कई तरह की धार्मिक भ्रांतियां और अज्ञानता फैली हुई है. इस संकोच को दूर करने के लिए ही लगातार ऐसे जनजागरूकता अभियान चलाए जा रहे हैं. कार्यक्रम में मुख्य रूप से शामिल हुईं कटिहार की मेयर उषा देवी अग्रवाल ने इस पुनीत कार्य की सराहना करते हुए कहा कि यह मानव इतिहास का सबसे बड़ा परोपकार है. उन्होंने शहर के युवाओं और प्रबुद्ध जनों से अपील की कि वे जीते जी अंगदान और नेत्रदान का फॉर्म भरकर संकल्प लें और समाज के अन्य लोगों को भी इस महादान के लिए प्रेरित करें.

समाज के प्रबुद्ध जनों और डॉक्टरों ने दर्ज कराई अपनी उपस्थिति

इस वृहद जागरूकता रैली को सफ़ल बनाने और स्वास्थ्य क्षेत्र में इस बड़े बदलाव की अलख जगाने के लिए जिले के कई नामचीन चेहरे एक मंच पर नजर आए. इस अवसर पर मेयर उषा देवी अग्रवाल के साथ विख्यात चिकित्सक डॉ. रंजना झा, प्रबुद्ध समाजसेवी अनिल चमरिया, पंकज पूर्वे, वार्ड पार्षद जिमी प्रकाश, विमल सिंह बेगानी, विक्की जायसवाल और डॉ. आभा कुमारी उपस्थित थीं. इसके अलावा कई नामी गिरामी गैर-सरकारी सामाजिक संस्थाओं (NGOs) के प्रतिनिधि, सदर अस्पताल के स्वास्थ्य प्रबंधक और सैकड़ों की संख्या में एएनएम कॉलेज की छात्राएं मौजूद रहीं, जिन्होंने इस मुहिम को जन-आंदोलन बनाने का संकल्प लिया.

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लेखक के बारे में

Published by: Divyanshu Prashant

दिव्यांशु प्रशांत वर्तमान में Prabhat Khabar डिजिटल में बतौर कंटेंट राइटर कार्यरत हैं। उन्होंने महात्मा गाँधी अंतर्राष्ट्रीय हिंदी विश्वविद्यालय वर्धा से पत्रकारिता में परास्नातक तथा टी. एन. बी. कॉलेज भागलपुर से हिंदी साहित्य में स्नातक की शिक्षा प्राप्त की है। हिंदी साहित्य की पृष्ठभूमि होने के कारण उन्हें पढ़ने, लेखन और कविता-सृजन में विशेष रुचि है। मीडिया क्षेत्र में लगभग एक वर्ष के अनुभव के दौरान वे Dainik Jagran में न्यूज़ राइटर और रिपोर्टर के रूप में कार्य कर चुके हैं। करियर के शुरुआती दौर में लोकसभा और विधानसभा चुनावों से जुड़े पॉलिटिकल कंटेंट राइटिंग का विशेष अनुभव प्राप्त किया। सटीक, निष्पक्ष और प्रभावशाली लेखन के माध्यम से पाठकों तक विश्वसनीय जानकारी पहुँचाना उनकी पेशेवर पहचान है।

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