रैयती भुमि पर सड़क निर्माण के बाद नहीं मिला मुआवजा, तो अधिकारी का करेंगे घेराव

चार सौ मीटर सड़क निजी जमीन में बन जाने के बाद भी भू-स्वामी को सरकार द्वारा निर्धारित मुआवजा नहीं मिलने से ग्रामीणों में आक्रोश है

मुआवजे की राशि को लेकर रैयत कार्यालय का चक्कर लगाते थक गये, नहीं मिली राशि बलिया बेलौन. ग्राम पंचायत चनदहर की मुख्यमंत्री ग्रामीण सड़क बघवा से सिंघिया मोड़ तक महानंदा नदी पर उच्च स्तरीय पुल निर्माण के बीच करीब चार सौ मीटर सड़क निजी जमीन में बन जाने के बाद भी भू-स्वामी को सरकार द्वारा निर्धारित मुआवजा नहीं मिलने से ग्रामीणों में आक्रोश है. ग्रामीण निर्धारित मुआवजा राशि को लेकर ऑफिस का चक्कर लगाकर थक गये, लेकिन मुआवज की राशि उनलोगों को नहीं मिला. प्राप्त जानकारी के अनुसार भूमि स्वामी शकुर आलम ने बताया कि अंचल कार्यालय कदवा द्वारा मापी करा कर सड़क निर्माण के लिए रैयती भूमि सतत लीज पर लेकर एक सप्ताह में निर्धारित मुआवजा देने की बात कही गयी थी. कार्यपालक अभियंता ग्रामीण कार्य विभाग बारसोई के पत्रांक 2190/23 द्वारा पत्र जारी कर मुआवजे देने का आश्वासन भी दिया. लेकिन तीन साल गुजरने के बाद भी आज तक एक भी भूमि स्वामी को निर्धारित मुआवजा नहीं मिला है, जब की भूमि का स्वामित्व प्रमाणपत्र भी जमा किया गया है. भूमि स्वामी ने आक्रोश व्यक्त करते हुए कहा की बघवा सिंघिया मोड़ तक बना सड़क पर रैयती को मुआवजा देने का पहल नहीं किया जाता है तो ग्रामीण कार्य विभाग बारसोई के कार्यपालक अभियंता का घेराव करेंगे. उन्होंने बताया की उक्त सड़क में एक दर्जन रैयतों का करीब 40 डिसमिल जमीन पर सड़क निर्माण किया गया है, अब तक एक भी रैयतों को मुआवजा नहीं मिलने पर लोग आक्रोशित हैं.

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By RAJKISHOR K

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