कटिहार : पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे (एनएफआर) ने अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत अपने क्षेत्राधिकार के तीन रेलवे स्टेशनों का पुनर्विकास पूरा कर लिया है. इनमें कटिहार मंडल का हल्दीबाड़ी स्टेशन, रंगिया मंडल का माजबाट स्टेशन और अलीपुरद्वार मंडल का जलपाईगुड़ी रोड स्टेशन शामिल हैं. इन स्टेशनों को आधुनिक, सुलभ और यात्रियों के अनुकूल परिवहन केंद्र के रूप में विकसित किया गया है. साथ ही स्थानीय विरासत और सांस्कृतिक पहचान को भी संरक्षित रखा गया है.
हल्दीबाड़ी स्टेशन पर करीब 26 करोड़ रुपये खर्च
अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत माजबाट स्टेशन का 10.19 करोड़ रुपये, जलपाईगुड़ी रोड स्टेशन का 34.80 करोड़ रुपये और हल्दीबाड़ी स्टेशन का लगभग 26 करोड़ रुपये की लागत से पुनर्विकास किया गया है. रेलवे के अनुसार प्रत्येक स्टेशन को उसकी क्षेत्रीय पहचान और परिचालन आवश्यकताओं को ध्यान में रखकर विकसित किया गया है.
यात्रियों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं
पुनर्विकसित स्टेशनों पर आकर्षक स्टेशन भवन, विस्तृत सर्कुलेटिंग एरिया, बड़े प्रतीक्षालय, उन्नत प्लेटफॉर्म, आवश्यकता के अनुसार लिफ्ट युक्त फुट ओवर ब्रिज, दिव्यांगजन अनुकूल सुविधाएं, आधुनिक शौचालय, अत्याधुनिक यात्री सूचना प्रणाली, बेहतर प्रकाश व्यवस्था, लैंडस्केपिंग समेत कई आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं.
पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मिलेगा बढ़ावा
रेलवे का मानना है कि इन स्टेशनों के आधुनिकीकरण से क्षेत्रीय संपर्क मजबूत होगा, पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय व्यापार एवं रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे. 'वन स्टेशन वन प्रोडक्ट' योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादों और कारीगरों को भी प्रोत्साहन मिलेगा.
भविष्य की जरूरतों के अनुरूप तैयार हो रहा रेल नेटवर्क
एनएफआर के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी कपिंजल किशोर शर्मा ने बताया कि अमृत भारत स्टेशन योजना भारतीय रेल के आधुनिकीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है. आधुनिक स्टेशन विकास और बेहतर मल्टीमॉडल कनेक्टिविटी से यात्रियों को बेहतर यात्रा अनुभव मिलेगा और रेलवे के समग्र विकास को गति मिलेगी.
