कटिहार जिले के बारसोई अनुमंडल अंतर्गत बलिया बेलौन क्षेत्र में महानंदा नदी का पूर्वी तटबंध कलदासपुर से लेकर दरियापुर तक अत्यंत जर्जर स्थिति में पहुंच गया है. तटबंध (बांध) की इस बदहाली के कारण जहां एक ओर स्थानीय ग्रामीणों का आवागमन पूरी तरह प्रभावित हुआ है, वहीं दूसरी ओर मानसूनी बारिश के बीच नदी का जलस्तर बढ़ने से इस पूरे इलाके पर बाढ़ का गंभीर खतरा मंडराने लगा है. स्थानीय जनप्रतिनिधियों और ग्रामीणों ने समय रहते सुरक्षात्मक कदम उठाने की गुहार लगाई है.
बाइक चलाना भी दूभर, जगह-जगह 3 फीट तक हुआ कटाव
तटबंध की वर्तमान स्थिति इतनी दयनीय हो चुकी है कि यह कभी भी बड़े हादसे का सबब बन सकती है:
- खतरनाक गड्ढे और कटाव: चनदहर पंचायत के मुखिया प्रतिनिधि सह प्रबुद्ध अधिवक्ता रागिब शजर ने जमीनी हकीकत बयां करते हुए बताया कि तटबंध के ऊपरी और पार्श्व हिस्सों से मिट्टी का भारी स्खलन हुआ है. कई संवेदनशील जगहों पर बांध 3 फीट से भी अधिक अंदर तक कट चुका है.
- आवागमन ठप: मिट्टी धंसने और बड़े-बड़े गड्ढे बनने के कारण अब इस मार्ग पर दोपहिया वाहनों (बाइक) का परिचालन भी जान जोखिम में डालने जैसा हो गया है. पैदल चलने वाले राहगीर भी आए दिन फिसलकर चोटिल हो रहे हैं.
दर्जनों गांवों की सुरक्षा दांव पर, 'फ्लड फाइटिंग' कार्य शुरू करने की मांग
बरसात के मौसम में महानंदा नदी के उफान पर आने से पानी का भारी दबाव इस कमजोर तटबंध पर पड़ेगा. मुखिया प्रतिनिधि रागिब शजर और स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों ने जल संसाधन विभाग को आगाह करते हुए कहा है:
"यह तटबंध कलदासपुर, दरियापुर सहित आस-पास की कई पंचायतों को बाढ़ के पानी से बचाता है. यदि नदी का जलस्तर थोड़ा और बढ़ा, तो यह जर्जर बांध दबाव नहीं झेल पाएगा और कभी भी बीच से टूट सकता है. ऐसा होने पर दर्जनों गांवों में तबाही मच जाएगी. हमारी मांग है कि बाढ़ नियंत्रण विभाग के कार्यपालक अभियंता तुरंत तकनीकी टीम के साथ मौके का मुआयना करें और 'फ्लड फाइटिंग' (बाढ़ पूर्व सुरक्षात्मक कार्य) योजना के तहत जियो बैग और बोल्डर डालकर इसे तुरंत मजबूती प्रदान करें." — रागिब शजर, अधिवक्ता सह मुखिया प्रतिनिधि, चनदहर पंचायत
ग्रामीणों ने लगाई गुहार: समय रहते जागे प्रशासन
महेंद्रपुर, कलदासपुर और दरियापुर के ग्रामीणों का कहना है कि हर साल बाढ़ आने के बाद प्रशासन राहत पैकेट बांटने पहुंचता है, लेकिन अगर अभी समय रहते बांध की मरम्मत करा दी जाए, तो करोड़ों रुपये की सरकारी संपत्ति और जनहानि को बचाया जा सकता है. ग्रामीणों ने जिला प्रशासन से इस मामले को प्राथमिकता के आधार पर लेने की पुरजोर अपील की है.
