कटिहार : कुरसेला प्रखंड की दक्षिणी मुरादपुर पंचायत अंतर्गत तीनघरिया गांव की सड़क हर साल बरसात शुरू होते ही झील का रूप ले लेती है. वार्ड संख्या 4 और 5 के बीच से गुजरने वाली सड़क पर पांच से छह महीने तक जलजमाव बना रहता है, जिससे ग्रामीणों का आवागमन बुरी तरह प्रभावित होता है.
स्थानीय लोगों ने बताया कि सड़क पर इतना पानी भर जाता है कि सड़क और गड्ढे में अंतर करना मुश्किल हो जाता है. लगातार जलजमाव के कारण सड़क की स्थिति भी दिन-प्रतिदिन खराब होती जा रही है.
निकासी की व्यवस्था नहीं
ग्रामीणों के अनुसार सड़क के दोनों ओर घनी आबादी बसी हुई है, लेकिन बरसात के पानी की निकासी के लिए नाला नहीं है. यही वजह है कि बारिश का पूरा पानी सड़क पर जमा हो जाता है. लोगों का कहना है कि सड़क किनारे रहने वाले कई लोगों ने अपनी जमीन ऊंची कर ली है, जिससे आसपास का पानी सड़क पर आकर भर जाता है.
ग्रामीणों का कहना है कि यदि सड़क को ऊंचा भी किया जाता है तो बाद में लोग अपनी जमीन और ऊंची कर लेते हैं. ऐसे में जलनिकासी की समस्या जस की तस बनी रहती है. जलजमाव के कारण स्कूली बच्चों, मरीजों और रोजाना आने-जाने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी झेलनी पड़ती है. कई लोग फिसलकर घायल भी हो चुके हैं.
ग्रामीणों का आरोप है कि सड़क बनने के बाद से ही यह समस्या बनी हुई है. कई बार संबंधित अधिकारियों को शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की गई.
ग्रामीणों ने की स्थायी समाधान की मांग
ग्रामीणों ने प्रशासन से सड़क के दोनों ओर पक्का नाला बनाने और सड़क को ऊंचा कर स्थायी जलनिकासी की व्यवस्था करने की मांग की है. उनका कहना है कि जब तक निकासी की व्यवस्था नहीं होगी, तब तक हर बरसात में तीनघरिया की यह सड़क झील बनी रहेगी. स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी जल्द समाधान निकालने की अपील की गई है.
यह भी पढे :कटिहार-पूर्णिया सड़क चौड़ीकरण में लापरवाही, गड्ढों और फिसलन से बढ़ा हादसों का खतरा
