कटिहार जिले में बुधवार को मौसम का मिजाज पूरे दिन बदलता रहेगा. मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार दिन में उमस और गर्मी बनी रहेगी, जबकि बीच-बीच में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है. जिले में अधिकतम तापमान 34 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है.
बुधवार सुबह से ही आसमान में बादल छाए रहेंगे. सुबह 7 बजे से 9 बजे के बीच करीब 40 प्रतिशत बारिश की संभावना जताई गई है. इस दौरान तापमान 31 से 33 डिग्री सेल्सियस के बीच रहेगा. मौसम विभाग ने फ्लैश फ्लड (अचानक बाढ़) का भी अलर्ट जारी किया है. निचले इलाकों और गंगा किनारे बसे गांवों में जलजमाव की स्थिति बन सकती है. लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है.
दिन चढ़ने के साथ 10 बजे के बाद बादल कुछ छंट सकते हैं और धूप-छांव का सिलसिला रहेगा. सुबह 10 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच तापमान 33 से 34 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है. हालांकि अधिक आर्द्रता के कारण महसूस होने वाला तापमान करीब 40 डिग्री तक रह सकता है. हवा की गति लगभग 6 किलोमीटर प्रति घंटा रहने का अनुमान है.
दोपहर 1 बजे के बाद मौसम फिर करवट ले सकता है. दोपहर 3 बजे के आसपास बारिश की संभावना 60 प्रतिशत तक पहुंचने का अनुमान है. इस दौरान गरज-चमक, तेज हवा और वज्रपात की आशंका भी जताई गई है. शाम 4 बजे से 6 बजे के बीच भी 30 से 40 प्रतिशत बारिश की संभावना बनी रहेगी. शाम तक तापमान घटकर करीब 31 डिग्री सेल्सियस रह सकता है.
अगले पांच दिन ऐसा रहेगा मौसम
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार अगले पांच दिनों तक जिले में तापमान में धीरे-धीरे गिरावट आने की संभावना है. गुरुवार और शुक्रवार को भी बादल छाए रहने और रुक-रुक कर बारिश होने के आसार हैं. सप्ताहांत तक अधिकतम तापमान 32 से 33 डिग्री सेल्सियस के आसपास रह सकता है.
वायु गुणवत्ता संतोषजनक
मौसम विभाग के अनुसार फिलहाल जिले की वायु गुणवत्ता अच्छी श्रेणी में है. एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 50 दर्ज किया गया है. हालांकि बारिश के बाद नमी बढ़ने से उमस अधिक महसूस हो सकती है.
किसानों और आम लोगों के लिए सलाह
मौसम विभाग ने किसानों को दोपहर 3 बजे से 6 बजे के बीच खुले खेतों में काम करने से बचने की सलाह दी है. वज्रपात के दौरान पेड़ों के नीचे शरण नहीं लेने और सुरक्षित स्थान पर रहने की अपील की गई है. वहीं निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को जरूरी सामान और दस्तावेज सुरक्षित रखने तथा बच्चों को नदी और जलजमाव वाले क्षेत्रों से दूर रखने की सलाह दी गई है.
