कटिहार से राज किशोर चौरसिया की रिपोर्ट
Katihar Weather: सीमांचल प्रक्षेत्र के कटिहार जिले में मौसम की कड़ियों में लगातार उतार-चढ़ाव का दौर जारी है. राज्य मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, मंगलवार को कटिहार जिलावासियों को एक अजीबोगरीब मौसमी मिजाज का सामना करना पड़ेगा. आज सुबह से ही आसमान में बादलों की मुस्तैदी देखी जा रही है, जिससे तीखी धूप का असर तो मंद रहेगा, लेकिन वातावरण में अत्यधिक नमी घुलने के कारण ‘सफोकेशन’ और उमस भरी गर्मी लोगों को पसीने-पसीने करेगी. मौसम कप्तानों के अनुसार, आज दिन चढ़ने के साथ ही पारे में बढ़ोतरी संधारित होगी और दोपहर 01:00 बजे तक वास्तविक तापमान 35 डिग्री के सूचकांक को छू लेगा.
75% नमी के कारण 38 डिग्री जैसी लगेगी गर्मी; बारिश की उम्मीद सिर्फ 5%
- उमस का डबल अटैक: मौसम पूर्वानुमान इंडेक्स के अनुसार, मंगलवार को जिले का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस तथा न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास संधारित रहेगा. हालांकि, हवा में 75% आर्द्रता (नमी) दर्ज होने के कारण मानव शरीर को यह गर्मी प्रत्यक्ष रूप से 38 डिग्री सेल्सियस जैसी महसूस होगी.
- शुष्क रहेगा मौसम: आसमान में बादलों की आवाजाही के बावजूद राहत या मानसूनी बौछारों की कड़ियां आज नदारद रहेंगी. मौसम विभाग ने आज बारिश की संभावना को महज 5% आंका है, जिसका साफ मतलब है कि आज पूरे दिन मौसम शुष्क बना रहेगा. इस बीच 10 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से चलने वाली पुरवैया हवाएं कनिष्ठ व वरिष्ठ नागरिकों को बीच-बीच में थोड़ी राहत संबल देती रहेंगी.
- संतोषजनक एयर क्वालिटी: एक अच्छी खबर यह है कि जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 76 दर्ज किया गया है, जो ‘संतोषजनक’ श्रेणी में आता है. इसके कारण दमा और सांस के कनिष्ठ मरीजों को आज प्रदूषण से कोई बड़ी फजीहत नहीं झेलनी पड़ेगी.
बुधवार से और तपेगा कटिहार, शुक्रवार को वज्रपात और आंधी का अलर्ट
“कटिहार में बुधवार और गुरुवार को गर्मी के तेवर और कड़े होने वाले हैं. इन दोनों दिनों में आसमान पूरी तरह साफ रहेगा और कड़क धूप के कारण अधिकतम तापमान 37 डिग्री सेल्सियस तक जा सकता है. हालांकि, शुक्रवार को मौसम एक बार फिर करवट लेगा और गरज-चमक के साथ तेज आंधी व बिजली गिरने (वज्रपात) की कड़ियां सक्रिय होंगी, जिससे पारा गिरकर 36 डिग्री पर आ जाएगा.”
किसानों को सिंचाई की सलाह, आम जनता के लिए मेडिकल गाइडलाइन
मौसम के इस शुष्क मिजाज को देखते हुए कृषि वैज्ञानिकों ने धान की रोपाई की कमान संभाल रहे कनिष्ठ व वरिष्ठ किसानों को एक बेहतरीन संबल (सलाह) दिया है. चूंकि अगले दो से तीन दिन बारिश के आसार नहीं हैं, इसलिए किसान भाई बिना किसी डर के अपनी तैयार खरीफ फसलों और बिछड़ों की कृत्रिम सिंचाई का कार्य मुस्तैद कर सकते हैं.
दूसरी तरफ, भीषण उमस के कारण डॉक्टरों ने डिहाइड्रेशन और हीट स्ट्रोक (लू) को लेकर कड़क गाइडलाइन जारी की है. स्वास्थ्य कप्तानों के अनुसार, दोपहर 12:00 बजे से 03:00 बजे के बीच अनावश्यक धूप में निकलने से पूरी तरह परहेज करें. घर से बाहर निकलते समय छाते और हल्के रंग के सूती कपड़ों का ही उपयोग संधारित करें. शरीर में पानी की कड़ियों को मजबूत रखने के लिए लगातार नींबू-पानी और ओआरएस का सेवन करते रहें तथा घर के बुजुर्गों व बच्चों की सेहत का विशेष ध्यान रखें.
