कटिहार जिले के फलका थाना क्षेत्र अंतर्गत मोरसंडा गांव में सावन की सोमवारी के दिन एक अत्यंत हृदयविदारक घटना सामने आई है. बरंडी नदी में स्नान करने गए सात बच्चों में से तीन बालक गहरे पानी में डूब गए, जिससे उनकी असामयिक मौत हो गई. मृतकों में दो सगे भाई और उनका एक पड़ोसी शामिल है. इस दुखद हादसे की खबर फैलते ही पूरे मोरसंडा गांव में चीख-पुकार मच गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है.
स्नान के दौरान गहरे पानी में गए मासूम, ग्रामीणों ने 4 को बचाया
सोमवारी पर्व के अवसर पर मोरसंडा गांव के सात सहपाठी बच्चे एक साथ गांव के समीप बहने वाली बरंडी नदी में स्नान करने पहुंचे थे. स्नान करते समय सभी बच्चे अचानक गहरे पानी की ओर चले गए और डूबने लगे. बच्चों की चीख-पुकार सुनकर नदी किनारे मौजूद स्थानीय ग्रामीण फौरन पानी में कूदे और अदम्य साहस दिखाते हुए चार बच्चों को सकुशल बाहर निकाल लिया. हालांकि तीन मासूम गहरे पानी के तेज भंवर में फंसकर डूब गए.
अस्पताल में डॉक्टरों ने घोषित किया मृत, पसरा सन्नाटा
ग्रामीणों और परिजनों ने कड़ी मशक्कत के बाद तीनों डूबे बालकों को बाहर निकाला और आनन-फानन में इलाज के लिए कोढ़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए. अस्पताल में जांच के उपरांत डॉक्टरों ने तीनों बच्चों को मृत घोषित कर दिया. मृतकों की पहचान मोरसंडा गांव निवासी मनोज साह के 11 वर्षीय पुत्र अमन कुमार, विजय साह के 10 वर्षीय पुत्र प्रिंस कुमार तथा चिरंजीव साह के पुत्र सत्यम कुमार के रूप में की गई है. अस्पताल से शवों के गांव पहुंचते ही परिजनों के करुण क्रंदन से समूचा माहौल गमगीन हो गया.
पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा, अधिकारियों की गैरहाजिरी पर भड़के ग्रामीण
हादसे की जानकारी मिलते ही स्थानीय मुखिया अजहरुद्दीन उर्फ राजू नायक और उप प्रमुख प्रतिनिधि मोहम्मद इरशाद ने स्थानीय प्रशासन को स्थिति से अवगत कराया. सूचना मिलने पर अवर निरीक्षक विवेक कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी कर तीनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए कटिहार सदर अस्पताल भेज दिया. इधर, इतनी बड़ी त्रासदी के बावजूद अंचल और प्रखंड मुख्यालय से किसी भी वरीय प्रशासनिक अधिकारी के मौके पर न पहुंचने को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी गई. गांव में चारों ओर मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है.
