कटिहार में सहकारी मखाना केंद्र शुरू, 80 टन प्रतिमाह उत्पादन से होगी शुरुआत

कटिहार जिले के मनसाही प्रखंड में सहकारी मखाना प्रसंस्करण केंद्र और वेयरहाउस का उद्घाटन किया गया है. यह कोसी-सीमांचल का पहला और राज्य का सबसे बड़ा केंद्र है, जो मखाना किसानों को बड़ा बाजार और उचित मूल्य दिलाने में मदद करेगा.

Katihar News: कटिहार जिले के मनसाही प्रखंड स्थित बथनाहा चौक में गुरुवार को सहकारी मखाना प्रसंस्करण केंद्र और वेयरहाउस का उद्घाटन किया गया.

यह केंद्र अतुल्यम मल्टीस्टेट मल्टीपरपज को-ऑपरेटिव सोसाइटी लिमिटेड द्वारा स्थापित किया गया है. इसे कोसी-सीमांचल का पहला और राज्य का सबसे बड़ा सहकारी मखाना प्रसंस्करण केंद्र बताया जा रहा है.

उद्घाटन समारोह में सहकारिता क्षेत्र के कई राष्ट्रीय स्तर के प्रतिनिधि, विभिन्न राज्यों के व्यापारी, कॉर्पोरेट कंपनियों के प्रतिनिधि तथा एक हजार से अधिक मखाना किसान और मखाना फोड़ी शामिल हुए.

80 टन प्रतिमाह से शुरुआत, 500 टन का लक्ष्य

संस्था के अध्यक्ष बिनोद आशीष ने बताया कि केंद्र की शुरुआती उत्पादन क्षमता 80 टन तैयार मखाना प्रतिमाह है.

इसमें 60 टन लावा मखाना और 20 टन फ्लेवर्ड मखाना का उत्पादन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि भविष्य में इस क्षमता को बढ़ाकर 500 टन प्रतिमाह से अधिक करने का लक्ष्य रखा गया है.

उनके अनुसार संस्था पिछले 15 वर्षों से बिहार के मखाना किसानों के आर्थिक और सामाजिक सशक्तिकरण के लिए कार्य कर रही है.

5,000 किसानों से जुड़ा नेटवर्क, 10 हजार तक पहुंच

बिनोद आशीष ने बताया कि नाफेड के सहयोग से गठित चार किसान उत्पादक संगठनों के माध्यम से लगभग 5,000 किसानों को इस पहल से जोड़ा गया है.

संस्था की कुल पहुंच कोसी और सीमांचल क्षेत्र के 9 से 10 हजार मखाना उत्पादक किसानों तक है.

किसानों को मिलेगा बड़ा बाजार और उचित मूल्य

इफको के चेयरमैन और एनसीयूआई अध्यक्ष दिलीप संघाणी ने कहा कि इफको, एनसीएफ, बिस्कोमान, नाफेड और राष्ट्रीय सहकारी संघ जैसी संस्थाओं के सहयोग से किसानों को बेहतर बाजार, आधुनिक प्रसंस्करण और वैज्ञानिक भंडारण की सुविधा उपलब्ध होगी.

बिस्कोमान के चेयरमैन विशाल सिंह ने कहा कि लक्ष्य कम से कम 50 प्रतिशत किसानों का मखाना सीधे खरीदकर उन्हें उचित मूल्य दिलाना है.

कोसी-सीमांचल के लिए क्यों है यह महत्वपूर्ण

कोसी-सीमांचल क्षेत्र बिहार का प्रमुख मखाना उत्पादन क्षेत्र माना जाता है. यहां प्रतिवर्ष लगभग 25 से 30 हजार मीट्रिक टन मखाना उत्पादन होता है और करीब 20 हजार किसान इस खेती से जुड़े हैं.

ऐसे में स्थानीय स्तर पर प्रसंस्करण केंद्र शुरू होने से किसानों को अब दूर-दराज के बाजारों पर कम निर्भर रहना पड़ेगा और मूल्य संवर्धन का लाभ भी मिल सकेगा.

Katihar News: बड़ी कंपनियों की मौजूदगी से बढ़ी उम्मीदें

कार्यक्रम में पूर्व सांसद सुधीर गुप्ता, भारत सरकार के उपभोक्ता मामले मंत्रालय के पूर्व सचिव एवं अतुल्यम के सीईओ हेम कुमार पाण्डेय, कटिहार की महापौर उषा देवी, पूर्णिया की उपमहापौर पल्लवी गुप्ता सहित इफको, नाफेड और बिस्कोमान के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे.

बालाजी, हल्दीराम, विशाल मेगा मार्ट और रिलायंस जैसी कंपनियों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी ने इस परियोजना को लेकर बाजार की संभावनाओं को और मजबूत किया.

संस्था का मानना है कि यह केंद्र कटिहार ही नहीं, पूरे कोसी-सीमांचल के मखाना उत्पादकों के लिए नई आर्थिक संभावनाओं का रास्ता खोलेगा.

Also Read: पटना में सफाईकर्मियों की हड़ताल आठवें दिन खत्म, सीधे अकाउंट में वेतन व बोनस का मिलेगा लाभ

Also Read: बांकीपुर में BJP की हार की अंदरूनी कहानी, समीक्षा बैठक में खुलीं कई परतें, नैरेटिव से लेकर राशन कार्ड तक पर हुई चर्चा



प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी

लेखक के बारे में

By राजकिशोर

राजकिशोर प्रिंट माध्यम में 20 और डिजिटल माध्यम में पिछले 5 वर्षों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. करियर की शुरुआत दैनिक जागरण से की. अभी प्रभात खबर के कटिहार कार्यालय में काम कर रहे हैं. शिक्षा, अनुसंधान, कला-संस्कृति व सिनेमा में रुचि रखते हैं.

Read More
ePaper

अपने दैनिक समाचार अनुभव को और बेहतरीन बनाएं

सिर्फ ₹399 ₹149

एक साल के लिए

आज ही सब्सक्राइब करें

संबंधित खबरें >

यह भी पढ़ें >