कोलासी-सोनवर्षा सड़क निर्माण में देरी, लाइसेंस रद्द करने की उठी मांग

Katihar Incomplete Road Construction: इस सड़क योजना का उद्घाटन लगभग एक वर्ष पूर्व कोढ़ा विधायक कविता पासवान, जिला परिषद अध्यक्ष रश्मि सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया था. इसके बावजूद अब तक सड़क निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है.

कटिहार के कोढ़ा से अमीर सोहेल की रिपोर्ट:

Katihar Incomplete Road Construction: ग्रामीण सड़क सुदृढ़ीकरण एवं प्रबंधन कार्यक्रम के तहत कोलासी–सेमापुर पीच रोड से सोनवर्षा होते हुए सन्दलपुर तक प्रस्तावित सड़क निर्माण कार्य निर्धारित समय सीमा समाप्त होने के बावजूद पूरा नहीं हो सका है. करीब एक वर्ष पहले बड़े उत्साह के साथ शुरू की गई इस परियोजना की धीमी प्रगति को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी है. लोगों ने संबंधित संवेदक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसका लाइसेंस रद्द करने की मांग की है.

इस सड़क योजना का उद्घाटन लगभग एक वर्ष पूर्व कोढ़ा विधायक कविता पासवान, जिला परिषद अध्यक्ष रश्मि सिंह एवं अन्य जनप्रतिनिधियों द्वारा किया गया था. इसके बावजूद अब तक सड़क निर्माण अधूरा पड़ा हुआ है.

14.66 करोड़ की योजना, फिर भी अधूरा निर्माण

जानकारी के अनुसार सड़क की कुल लंबाई 8.20 किलोमीटर है. इसमें 7.475 किलोमीटर वीटी सड़क, 0.725 किलोमीटर पीसीसी सड़क तथा नौ पुलियों का निर्माण शामिल है. योजना की प्राक्कलित लागत 14.66 करोड़ रुपये से अधिक निर्धारित की गई है, जबकि छह वर्षों के अनुरक्षण पर भी राशि खर्च की जानी है.

निर्माण कार्य 6 जून 2025 को शुरू हुआ था और इसे 5 जून 2026 तक पूरा किया जाना था. लेकिन निर्धारित अवधि बीत जाने के बाद भी सड़क का अधिकांश हिस्सा अधूरा है.

बरसात में बढ़ी परेशानी, दुर्घटना का खतरा

ग्रामीणों का आरोप है कि कई स्थानों पर केवल मिट्टी भराई और प्रारंभिक कार्य ही किए गए हैं. सड़क निर्माण की धीमी रफ्तार के कारण लोगों को आवागमन में भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

स्थानीय लोगों ने बताया कि बरसात के मौसम में सड़क की स्थिति और खराब हो जाती है. जगह-जगह कीचड़ और गड्ढों के कारण पैदल चलना भी मुश्किल हो जाता है. सड़क पर पड़े बड़े-बड़े रोड़े वाहन चालकों और राहगीरों के लिए खतरा बने हुए हैं.

ग्रामीणों का कहना है कि स्कूली बच्चों, मरीजों, किसानों और व्यापारियों को प्रतिदिन परेशानी झेलनी पड़ रही है. कई बार दुर्घटना की स्थिति भी उत्पन्न हो चुकी है.

विभागीय निगरानी पर उठे सवाल

ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि यदि निर्माण कार्य की नियमित निगरानी होती तो परियोजना निर्धारित समय में पूरी हो जाती. करोड़ों रुपये की योजना होने के बावजूद लोगों को इसका लाभ नहीं मिल पा रहा है.

लोगों ने जिला प्रशासन और ग्रामीण कार्य विभाग के उच्च अधिकारियों से मामले की जांच कराने की मांग की है. साथ ही निर्माण कार्य में लापरवाही बरतने वाले संवेदक जितेन्द्र कुमार के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और लाइसेंस रद्द करने की मांग भी उठाई है.

ग्रामीणों ने विभाग से सड़क निर्माण कार्य जल्द पूरा कर आम जनता को राहत देने की अपील की है.

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By Shruti Kumari

श्रुति कुमारी एक पत्रकार और डिजिटल कंटेंट राइटर हैं। उन्होंने भारतीय जनसंचार संस्थान (IIMC) से अंग्रेजी पत्रकारिता में स्नातकोत्तर डिप्लोमा प्राप्त किया है। वर्तमान में वे प्रभात खबर डिजिटल में कंटेंट राइटर के रूप में कार्यरत हैं। उन्हें विभिन्न प्लाटफॉर्म्स पर डिजिटल पत्रकारिता और कंटेंट राइटिंग का लगभग दो वर्षों का अनुभव है। सामाजिक मुद्दों, महिला सशक्तिकरण, राजनीति, शिक्षा और लाइफस्टाइल जैसे विषयों पर लिखना उनकी विशेष रुचि का क्षेत्र है। इसके अलावा वे डिजिटल प्लेटफॉर्म के लिए स्क्रिप्ट राइटिंग करती हैं तथा हिंदी कविता और अंगिका भाषा में लेखन का भी शौक रखती हैं। प्रकृति से उनका विशेष लगाव है और वे मानती हैं कि संवेदनशील, तथ्यपरक और जनसरोकार से जुड़ी पत्रकारिता समाज में सकारात्मक बदलाव का माध्यम बन सकती है।

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