बुद्ध की शांति व अहिंसा के विचार की आत्मसात करने की जरूरत
बुद्ध की शांति व अहिंसा के विचार की आत्मसात करने की जरूरत
– बौद्ध विहार ललियाही में कार्यक्रम आयोजित कटिहार शहर के ललियाही स्थित बौद्ध विहार परिसर में सोमवार को बुद्ध पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन किया गया. स्थानीय डॉ विश्वनाथ राम बौद्ध एवं केदार पासवान बौद्ध ने पुष्पांजलि दी. बुद्ध वंदना एवं सुन्त पठन करके कार्यक्रम का आगाज किया. बौद्ध विहार में आये सभी बुद्ध प्रेमियों ने बुद्ध प्रतिमा पर माल्यार्पण किया. कार्यक्रम की अध्यक्षता इंजीनियरिंग गिरिजा प्रसाद सिंह ने किया. जबकि संचालन हरेराम सिंह ने किया. वक्ताओं ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि बुद्ध के पंचशील और अष्टांगिक मार्ग पर चलकर ही समाज, देश एवं संपूर्ण विश्व में अमन-शांति व भाईचारा स्थापित किया जा सकता है. आज विश्व को युद्ध नहीं, बल्कि बुद्ध की जरूरत है. ताकि विश्व में शांति एवं लोक कल्याण हो सके. भगवान बुद्ध के तीन मंत्रों बुद्धम् शरणं गच्छामि, धम्मं सरणं गच्खामि, संघम सरणं गच्छामि पर चलकर ही सभी मनुष्यों के जीवन में सुख, शांति एवं समृद्धि लाया जा सकता है. बुद्ध करुणा की आपादमस्तक है, जो हर प्रकार के बैर से मुक्त और प्रेम क्षमता से युक्त है. तथागत बुद्ध ने दुनिया को शांति और अहिंसा का पाठ पढ़ाया. बुद्ध-वाणी आज भी हमारे बीच प्रासंगिक है. इस अवसर पर मुख्य रूप से एसएस धम्मी, पूर्व मंत्री डॉ राम प्रकाश महतो, महापौर उषा देवी अग्रवाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनील यादव, राजद नेता आशु पांडेय, प्रदीप दास, रामचंद्र निषाद, शंकर दास, अशोक पासवान, डॉ रीना, विन्देश्वरी पासवान, विनोद कुमार, सतीश प्रसाद सिन्हा, संजय पासवान, रामप्रवेश पासवान, राजेंद्र प्रसाद मेहता, विनोद पासवान, राजन प्रसाद गुप्ता, राजा खां, यमुना प्रसाद सिंह, सुरेंद्र प्रसाद सिंह, दीपनारायण यादव, प्रवीण पासवान, नवीन कुमार, राजेंद्र प्रसाद, राजकमल, संगीता कुशवाहा, प्रियंका यादव, मनीषा यादव, संजय सिंह आदि कई लोग मौजूद थे.
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