कुरसेला में किसानों की पहली पसंद बनी पाट की खेती, अच्छा मुनाफा मिलने से बढ़ा रुझान

कटिहार के किसान अब नगदी फसल के रूप में पाट (पटुआ) की खेती को प्राथमिकता दे रहे हैं. अनुकूल मौसम और उपजाऊ मिट्टी इस फसल के लिए वरदान साबित हो रही है. जानें क्यों किसान केला छोड़कर पाट की ओर बढ़ रहे हैं.

कटिहार : केला, मक्का और मखाना की फसलों के साथ अब क्षेत्र के किसान नगदी फसल के रूप में पाट (पटुआ) की खेती को प्राथमिकता दे रहे हैं. इस वर्ष परिक्षेत्र में सैकड़ों हेक्टेयर क्षेत्र में पाट की खेती की गई है. मौसम अनुकूल रहने से फसल अच्छी हुई है और किसानों को बेहतर उत्पादन की उम्मीद है. क्षेत्र की उपजाऊ मिट्टी और अनुकूल जलवायु पाट की खेती के लिए काफी लाभकारी साबित हो रही है.

किसानों ने बताया कि पाट की खेती लगभग चार माह में तैयार हो जाती है. इससे जूट तैयार कर बाजार में बिक्री की जाती है, जिससे अच्छा लाभ मिलता है. फसल के अवशेष का उपयोग जलावन के रूप में भी किया जाता है.

जानकारी के अनुसार पाट की बुआई अप्रैल से मई के बीच की जाती है. इसकी खेती पर प्रति एकड़ लगभग 25 से 30 हजार रुपये की लागत आती है. फसल तैयार होने के बाद जूट की बिक्री से किसानों को लागत की तुलना में डेढ़ से दो गुना तक लाभ मिल जाता है. हालांकि खेती के दौरान खाद, सिंचाई और निराई-गुड़ाई पर विशेष ध्यान देना पड़ता है.

कटाई के बाद पाट से जूट निकालने की प्रक्रिया सबसे अधिक श्रमसाध्य होती है. इसके लिए फसल को लगभग 15 दिनों तक पानी में डुबोकर रखा जाता है. बाढ़ प्रभावित क्षेत्र होने के कारण यहां जलाशयों, मौसमी नदियों और निचले भूभागों में पानी की उपलब्धता आसानी से हो जाती है, जिससे किसानों को इस प्रक्रिया में सुविधा मिलती है.

किसानों का कहना है कि गलवा रोग के कारण क्षेत्र में केला की खेती लगातार घट रही है. कभी केलांचल के नाम से प्रसिद्ध यह इलाका अब पाट और मखाना जैसी नगदी फसलों की ओर तेजी से बढ़ रहा है. कृषि विशेषज्ञों के अनुसार वैज्ञानिक तरीके से मखाना की खेती अपनाने वाले किसानों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है, जिससे उनकी आय में वृद्धि की संभावना बनी हुई है.


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लेखक के बारे में

By अजीत ठाकुर

अजीत ठाकुर प्रिंट माध्यम में 28 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. कुरसेला (कटिहार) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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