कटिहार : क्षेत्र में नदियों के बढ़ते जलस्तर के बीच संभावित बाढ़ को लेकर लोगों की चिंता बढ़ गई है. बाढ़ सुरक्षा के लिए बनाए गए घुरना स्कूल से बल्थी-महेशपुर गांव तक सड़क सह तटबंध की स्थिति जर्जर हो चुकी है. कई स्थानों पर तटबंध क्षतिग्रस्त है, लेकिन अब तक मरम्मत का कार्य शुरू नहीं हो सका है. ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते तटबंध की मरम्मत नहीं हुई तो इस वर्ष भी बाढ़ बड़ी तबाही ला सकती है.
कई स्थानों पर कमजोर हो चुका है तटबंध
स्थानीय लोगों के अनुसार पिछले वर्ष भी बाढ़ के दबाव में तटबंध क्षतिग्रस्त हुआ था. इस बार बाढ़ से पहले इसके सुदृढ़ीकरण की उम्मीद थी, लेकिन विभागीय उदासीनता के कारण अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई है. विशेष रूप से बल्थी-महेशपुर गांव के पोखर के समीप तटबंध की ऊंचाई और मिट्टी भराई कम होने से कटाव का खतरा अधिक बना हुआ है.
15 हजार आबादी पर मंडरा रहा खतरा
ग्रामीणों का कहना है कि यदि बाढ़ का पानी तटबंध के ऊपर से बहा या तटबंध टूट गया तो बल्थी-महेशपुर सहित आसपास के कई गांवों की करीब 15 हजार आबादी प्रभावित हो सकती है. यह सड़क सह तटबंध केवल आवागमन का साधन नहीं, बल्कि बाढ़ से सुरक्षा की महत्वपूर्ण ढाल भी है.
लगातार बारिश से बढ़ी चिंता
पिछले कुछ दिनों से हो रही बारिश के कारण गंगा और कोसी सहित अन्य नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है. इससे क्षेत्र में बाढ़ का खतरा और गहरा गया है. ग्रामीणों का कहना है कि तटबंध की समय रहते मरम्मत नहीं होने से स्थिति गंभीर हो सकती है.
मुखिया ने फिर उठाई मरम्मत की मांग
उत्तरी मुरादपुर पंचायत के मुखिया अविनाश सिंह ने बताया कि जिला स्तर पर आयोजित दिशा की बैठक में उन्होंने घुरना-बल्थी-महेशपुर सड़क सह तटबंध की मरम्मत का मुद्दा प्रमुखता से उठाया था. इसके बावजूद अब तक कार्य शुरू नहीं हो सका है. उन्होंने प्रशासन और संबंधित विभाग से अविलंब मरम्मत कार्य शुरू कराने की मांग की, ताकि संभावित बाढ़ से क्षेत्र की बड़ी आबादी को सुरक्षित रखा जा सके.
