Dream 11: 'ड्रीम 11 में 5 लाख रुपये जीता दूंगा', साइबर ठगों ने नाबालिग से की 2.10 लाख की ठगी

Dream 11: बीएमपी अस्पताल में तैनात एक स्वास्थ्य कर्मी का नाबालिग पुत्र ड्रीम 11 में क्रिकेट टीम बनाता था. उसके बाद उसके मोबाइल फोन आया. दूसरी ओर से कहा गया की आपने ड्रीम 11 में पांच लाख रुपए जीते हैं लेकिन उसे राशि को निकालने के लिए प्रोसेसिंग के तहत आठ हजार रुपए यूपीआई से ट्रांसफर कराया. इसके बाद 40-40 हजार कर तीन बार यूपीआई से ट्रांजैक्शन किया.

Dream 11: ड्रीम 11 में पांच लाख रुपए जीत की बात कह साइबर ठग ने एक नाबालिग से 2.10 लाख रुपए ठग लिये. घटना को लेकर पीड़ित बुधवार को 1930 पर कॉल कर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराकर गुरुवार को साइबर थाना पहुंचे. बीएमपी निवासी एवं स्थाई मनिहारी थाना क्षेत्र के मिर्जापुर निवासी पीड़ित परिवार ने साइबर थाना में आवेदन देते हुए मामला दर्ज कराया है.

38 बार में 2.10 लाख रुपया साइबर अपराधियों ने ठगे

इसके बाद नाबालिग साइबर अपराधियों के साथ लगातार कांटेक्ट में रहा. यहां तक की साइबर अपराधी नाबालिग से रुपए को लेकर व्हाट्सएप कॉलिंग एवं चैटिंग करते रहा. नाबालिग ने अपनी मां के खाते से साइबर अपराधियों के खाते में 2.10 लाख रुपए ठग लिया. नाबालिग ने अपने घर वालों को भी डर से किसी प्रकार का बात नहीं बताया.

साइबर अपराधी जब उसे डराने धमकाने लगा और खाते में पैसा ट्रांसफर करने को कहा तब इसकी जानकारी नाबालिग ने परिजनों को दी. इसके बाद परिजनों ने 1930 ऑनलाइन में शिकायत दर्ज करायी तथा साइबर थाना पहुंचकर आवेदन दिया.

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क्या बोले साइबर थानाध्यक्ष

पुलिस उपाधीक्षक और साइबर थानाध्यक्ष वसीम फिरोज ने कहा कि ड्रीम 11 में जीत की बात कह साइबर अपराधियों ने 2.10 लाख रुपए की ठगी की है. जिसका आवेदन के आधार पर कांड दर्ज कर साइबर पुलिस मामले की जांच में जुट गयी है.

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Author: Paritosh Shahi

परितोष शाही पिछले 4 वर्षों से डिजिटल मीडिया और पत्रकारिता में सक्रिय हैं. उन्होंने अपने करियर की शुरुआत राजस्थान पत्रिका से की और वर्तमान में प्रभात खबर डिजिटल की बिहार टीम का हिस्सा हैं. राजनीति, सिनेमा और खेल, विशेषकर क्रिकेट में उनकी गहरी रुचि है. जटिल खबरों को सरल भाषा में पाठकों तक पहुंचाना और बदलते न्यूज माहौल में तेजी से काम करना उनकी विशेषता है. परितोष शाही ने पत्रकारिता की पढ़ाई बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी (BHU) से की. पढ़ाई के दौरान ही पत्रकारिता की बारीकियों को समझना शुरू कर दिया था. खबरों को देखने, समझने और लोगों तक सही तरीके से पहुंचाने की सोच ने शुरुआत से ही इस क्षेत्र की ओर आकर्षित किया. पत्रकारिता में करियर की पहली बड़ी शुरुआत बिहार विधानसभा चुनाव 2020 के दौरान हुई, जब उन्होंने जन की बात के साथ इंटर्नशिप की. इस दौरान बिहार के 26 जिलों में जाकर सर्वे किया. यह अनुभव काफी खास रहा, क्योंकि यहां जमीनी स्तर पर राजनीति, जनता के मुद्दों और चुनावी माहौल को बहुत करीब से समझा. इसी अनुभव ने राजनीतिक समझ को और मजबूत बनाया. इसके बाद राजस्थान पत्रिका में 3 महीने की इंटर्नशिप की. यहां खबर लिखने की असली दुनिया को करीब से जाना. महज एक महीने के अंदर ही रियल टाइम न्यूज लिखने लगे. इस दौरान सीखा कि तेजी के साथ-साथ खबर की सटीकता कितनी जरूरी होती है. राजस्थान पत्रिका ने उनके अंदर एक मजबूत डिजिटल पत्रकार की नींव रखी. पत्रकारिता के सफर में आगे बढ़ते हुए पटना के जनता जंक्शन न्यूज पोर्टल में वीडियो प्रोड्यूसर के रूप में भी काम किया. यहां कैमरे के सामने बोलना, प्रेजेंटेशन देना और वीडियो कंटेंट की बारीकियां सीखीं. करीब 6 महीने के इस अनुभव ने कैमरा फ्रेंडली बनाया और ऑन-स्क्रीन प्रेजेंस को मजबूत किया. 1 अप्रैल 2023 को राजस्थान पत्रिका को प्रोफेशनल तौर पर ज्वाइन किया. यहां 17 महीने में कई बड़े चुनावी कवरेज में अहम भूमिका निभाई. लोकसभा चुनाव 2024 में नेशनल टीम के साथ जिम्मेदारी संभालने का मौका मिला. इसके अलावा मध्य प्रदेश, राजस्थान और छत्तीसगढ़ विधानसभा चुनाव के दौरान भी स्टेट टीम के साथ मिलकर काम किया. इस दौरान चुनावी रणनीति, राजनीतिक घटनाक्रम और बड़े मुद्दों पर काम करने का व्यापक अनुभव मिला. फिलहाल परितोष शाही प्रभात खबर डिजिटल बिहार टीम के साथ जुड़े हुए हैं. यहां बिहार विधानसभा चुनाव के दौरान कई बड़ी खबरों को रियल टाइम में ब्रेक किया, ग्राउंड से जुड़े मुद्दों पर खबरें लिखीं और वीडियो भी बनाए. बिहार चुनाव के दौरान कई जिलों में गांव- गांव घूम कर लोगों की समस्या को जाना-समझा और उनके मुद्दे को जन प्रतिनिधियों तक पहुंचाया. उनकी कोशिश हमेशा यही रहती है कि पाठकों और दर्शकों तक सबसे पहले, सही और असरदार खबर पहुंचे. पत्रकारिता में लक्ष्य लगातार सीखते रहना, खुद को बेहतर बनाना और भरोसेमंद पत्रकार के रूप में अपनी पहचान मजबूत करना है.

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