बलिया बेलौन बलिया बेलौन क्षेत्र से बुधवार को दर्जनों जायरीन हज के लिए मक्का शरीफ रवाना हुए. हज की अदायगी के लिए मक्का शरीफ व मदीना शरीफ की जियारत कर खाने काबा का तव्वाफ करने के साथ मस्जिदें नबवी में इबादत करने के बाद हज का अरकान की अदायेगी की जायेगी. हज के लिए रवाना हो रहे जामीया ताजुस शरीया लील बनात शेखपुरा रेजा नगर के नाजीम रहबरे शयीयत मौलाना मुफ्ती मोजीबुर रहमान मिस्बाही रिजवी ने बताया की अहले निशाब पर हज वाजिब है. इस्लाम के पांच अरकान में से हज भी एक अरकान है. हज जिलहिज्जा के महीने के 10वीं तारीख को अदा की जाती है. खाने काबा का तव्वाफ, मस्जिदें नबवी में नमाज अदा करना, शैतान को कंकर मारना होता है. सफा मरवा का चक्कर लगाना आदि खान अरकान है. एकबाल हुसैन ने जायरीन से देश में अमन, शांति, भाईचारा, बीमार को सफा के लिए दुआ करने की दरखास्त की है. मारूफ अली, सालीम ज़र्राह, अनीस, अरब आलम, हाजी मुजफ्फर यजदानी, शाबान, जावेद आलम आदि ने अकीदत के साथ हज के लिए रवाना किया.
हज के लिए मक्का शरीफ दर्जनों लोग हुए रवाना
हज के लिए मक्का शरीफ दर्जनों लोग हुए रवाना
