गुरु पूर्णिमा पर गंगा घाटों पर उमड़ी श्रद्धालुओं की भारी भीड़, आस्था की डुबकी लगा किया दान-पुण्य

गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर कटिहार के गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का भारी जमावड़ा लगा. भक्तों ने पवित्र गंगा नदी में स्नान कर गुरुओं की पूजा-अर्चना की. सावन माह और सोमवारी के शुभ संयोग ने इस बार उत्सव को और भी खास बना दिया.

गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर कटिहार जिले के कुरसेला प्रखंड अंतर्गत विभिन्न गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं का जनसैलाब उमड़ पड़ा. बुधवार तड़के से ही भक्ति भाव से सराबोर श्रद्धालुओं का गंगा तटों पर जुटना शुरू हो गया था. त्रिमोहनी उत्तरवाहिनी संगम तट के अलावा तीनटेंगा, बटेशपुर और खेरिया घाटों पर बड़ी संख्या में महिला-पुरुष श्रद्धालुओं ने पवित्र गंगा नदी में स्नान कर अपने आराध्य देव व गुरुदेव की पूजा-अर्चना की.

सावन और सोमवारी के संयोग से बढ़ा उत्साह

सावन माह के आगमन और सोमवारी के पवित्र संयोग के कारण इस बार गुरु पूर्णिमा पर गंगा घाटों पर श्रद्धालुओं की संख्या और उत्साह दोगुना नजर आया.

गंगा स्नान के उपरांत श्रद्धालुओं ने तट पर मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग बनाकर देवाधिदेव महादेव का जलाभिषेक किया. इस दौरान पूरा गंगा तट 'हर-हर गंगे', 'हर-हर महादेव' और 'बोल बम' के गगनभेदी जयघोषों से गुंजायमान रहा. कई श्रद्धालुओं ने गंगा नदी पार कर बाबा बटेशनाथ मंदिर में भी जल अर्पित किया.

12 वर्षों के बाद बना सौभाग्य और पुण्यदायी योग

धार्मिक विद्वानों और पंडितों के अनुसार, इस वर्ष करीब 12 वर्षों के लंबे अंतराल के बाद गुरु पूर्णिमा पर विशेष 'सौभाग्य और पुण्यदायी योग' का निर्माण हुआ है. इसी वजह से श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान कर विशेष दान-पुण्य किया और गुरु का आशीर्वाद प्राप्त किया.

दिनभर घाटों पर भक्ति और श्रद्धा का माहौल बना रहा. स्थानीय प्रशासन की ओर से भी श्रद्धालुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए घाटों पर चुस्त-दुरुस्त सुरक्षा व्यवस्था और सफाई के विशेष इंतजाम किए गए थे.


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लेखक के बारे में

By अजीत ठाकुर

अजीत ठाकुर प्रिंट माध्यम में 28 वर्षों से और डिजिटल माध्यम में पिछले 3 सालों से पत्रकारिता में एक्टिव हैं. कुरसेला (कटिहार) क्षेत्र में काम कर रहे हैं. सामाजिक कार्यों, शिक्षा, राजनीति व खेल में रुचि रखते हैं.

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