कोढ़ा शारदीय नवरात्रि के छठे दिन दुर्गा मंदिरों में मां दुर्गा के छठे स्वरूप मां कात्यायनी की पूजा श्रद्धा, भक्ति और उत्साह के साथ हुई. मंदिरों में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ी और जगह-जगह भक्ति संगीत, ढोल-नगाड़ों की गूंज और सुंदर साज-सज्जा ने माहौल को देवीमय बना दिया. कोढ़ा बाजार, फुलवरिया, खुदना, खेरिया जैसे प्रमुख स्थलों पर स्थापित दुर्गा प्रतिमाओं के समक्ष विशेष अनुष्ठान किए गये. पुजारियों ने मां कात्यायनी की महिमा का वर्णन करते हुए बताया कि यह रूप शक्ति, साहस और न्याय का प्रतीक है. अविवाहित कन्याओं के लिए यह दिन विशेष रूप से फलदायी माना जाता है. सुबह से ही महिला श्रद्धालु पीले वस्त्रों में मंदिरों में पहुंचीं और मां को पुष्प, फल, नारियल व अन्य नैवेद्य अर्पित किया. शाम के समय भक्ति-कीर्तन, आरती और देवी जागरण का आयोजन हुआ. विजयादशमी को लेकर कोढ़ा के सभी दुर्गा मंदिरों के मुख्य द्वार को को रंग-बिरंगे डिजाइन में सजाए जा रहे हैं.
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