सीमावर्ती इलाकों में हो रही चेकिंग, होटलों व संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी से धंधेबाजों में हड़कंप
कटिहार. मोतिहारी में जहरीली शराब पीने से हुई मौतों के बाद कटिहार जिला उत्पाद विभाग की टीम पूरी तरह अलर्ट मोड पर है. जिले में लगातार छापेमारी अभियान चलाया जा रहा है. बताते चलें कि मोतिहारी की हृदयविदारक घटना ने जहां एक ओर राज्य में पूर्ण शराबबंदी की सफलता पर सवालिया निशान खड़ा कर दिया है, वहीं दूसरी ओर विपक्ष भी सरकार पर हमलावर है. इस घटना के बाद मुख्यालय के निर्देश पर उत्पाद अधीक्षक के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें विभिन्न थाना क्षेत्रों में सघन तलाशी ले रही हैं.शहर व ग्रामीण क्षेत्रों के होटल, रेस्टोरेंट, लाइन होटल व धर्मशालाओं की जांच की जा रही है. विशेष रूप से उन इलाकों को चिन्हित किया गया है, जहां अवैध शराब निर्माण की सूचना मिलती रही है. पुलिस उन गांवों में पहुंचकर शराब की भट्ठियों को क्षतिग्रस्त कर रही है. निर्माण में प्रयुक्त उपकरणों को जब्त किया जा रहा है. प्रशासन की इस सख्ती से शराब निर्माताओं और तस्करों के बीच हड़कंप का माहौल है.
सभी सीमावर्ती क्षेत्रों में पुलिस की गतिविधि हुई तेज
हादसों से सबक लेने की परंपरा अक्सर घटना के बाद ही जागती है. मोतिहारी की घटना के बाद कटिहार सहित सूबे के अन्य जिलों में भी छापेमारी तेज कर दी गयी है. उत्पाद अधीक्षक के निर्देश पर शराब तस्करों, विक्रेताओं व होम डिलीवरी करने वालों की धर-पकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है. पश्चिम बंगाल व झारखंड की सीमा से सटे इलाकों में लगातार वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है. सभी छोटे-बड़े वाहनों की गहनता से तलाशी ली जा रही है, ताकि तस्करी पर लगाम लगायी जा सके. हालांकि, स्थानीय लोगों के बीच यह चर्चा भी आम है कि यह सख्ती केवल घटना के कुछ दिनों बाद तक ही बनी रहती है, जिसके बाद मामला पुनः शिथिल पड़ जाता है और धंधेबाज फिर से सक्रिय हो जाते हैं.
———— “उत्पाद विभाग की छापेमारी लगातार जारी है. सीमावर्ती क्षेत्रों में गहनता से वाहनों की जांच की जा रही है. शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों के होटल, बस पड़ाव और ऑटो स्टैंड सहित सभी चिन्हित स्थलों पर नजर रखी जा रही है. जहां पूर्व में शराब निर्माण या बिक्री की सूचना मिली थी, उन स्थलों पर टीम लगातार छापेमारी कर रही है. “
— सुभाष सिंह, उत्पाद अधीक्षक, कटिहार