कटिहार : आषाढ़ माह में भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की रथयात्रा सनातन धर्म की सबसे पवित्र और दिव्य परंपराओं में से एक मानी जाती है. धार्मिक मान्यता है कि भगवान के रथ का दर्शन, रथ खींचने और यात्रा में शामिल होने से विशेष पुण्य की प्राप्ति होती है तथा जीवन में सुख, समृद्धि और मंगल का वास होता है. इसी आस्था के साथ गुरुवार को बारसोई में दो स्थानों से भगवान श्री जगन्नाथ, भगवान बलभद्र और माता सुभद्रा की भव्य रथयात्रा निकाली जाएगी. इसे लेकर दोनों मंदिरों में तैयारियां पूरी कर ली गई हैं.
बेलवा से दोपहर दो बजे निकलेगी रथयात्रा
श्री सरस्वती मंदिर, बेलवा न्यास समिति के सदस्य दीपक कुमार ने बताया कि गुरुवार दोपहर दो बजे मंदिर परिसर से भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की रथयात्रा निकाली जाएगी. श्रद्धालु भजन-कीर्तन और जयघोष के बीच भगवान के रथ को खींचेंगे. समिति ने अधिक से अधिक संख्या में श्रद्धालुओं से रथयात्रा में शामिल होने की अपील की है.
बारसोई घाट से तीसरे पहर होगा रथ का प्रस्थान
प्राचीन नर्मदेश्वर शिव मंदिर, खुनाथपुर बारसोई घाट से लगातार पांचवें वर्ष भगवान श्री जगन्नाथ महाप्रभु की रथयात्रा दोपहर बाद तीन बजे निकाली जाएगी. मंदिर न्यास समिति के अध्यक्ष शंकर प्रसाद साह ने बताया कि आयोजन ग्रामवासियों के सहयोग से किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि 17 से 23 जुलाई तक प्रतिदिन भगवान का भोग, आरती, संकीर्तन और गीता पाठ होगा, जबकि 24 जुलाई को दोपहर बाद तीन बजे उल्टा रथ निकाला जाएगा.
भक्तिमय माहौल, श्रद्धालुओं में उत्साह
मंदिर समितियों ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की रथयात्रा प्रेम, सद्भाव, सेवा और सनातन संस्कृति के संरक्षण का संदेश देती है. दोनों समितियों ने श्रद्धालुओं से बढ़-चढ़कर भाग लेकर भगवान का आशीर्वाद प्राप्त करने की अपील की है. रथयात्रा को लेकर पूरे बारसोई क्षेत्र में भक्तिमय वातावरण बना हुआ है.
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