मांगों को लेकर पांच दिवसीय हड़ताल पर गयीं आशा कार्यकर्ता
बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर 20 से 25 मई तक पांच दिवसीय हड़ताल पर आशा कार्यकर्ता चली गयी हैं.
कटिहार. बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता अपनी मांगों को लेकर 20 से 25 मई तक पांच दिवसीय हड़ताल पर आशा कार्यकर्ता चली गयी हैं, जिससे स्वास्थ्य सेवा पर पहले ही दिन असर पड़ना शुरू हो गया है. आशा ने कहा 2023 में 32 दिवसीय हड़ताल के क्रम में आशा कार्यकर्ता, फैसिलिटेटरों के मासिक मानदेय राशि 1000 को बढ़ाकर 2500 करने का निर्णय लिया गया था, जिसे करीब दो साल बीतने पर भी लागू नहीं किया गया है. इस समझौते को बढ़ी हुई राशि कम से कम 10 हजार रुपये के साथ लागू की जाय. इसके साथ ही विभिन्न कार्यों के लिए वर्षों पूर्व तय राशि में केंद्र सरकार के द्वारा करीब 10 साल में कोई पुनरीक्षण बढ़ोतरी नहीं किया गया है. केंद्रीय ट्रेड यूनियनों सेवा संगठनों द्वारा 17 सूत्री मांगों जिसमें सभी स्कीम वर्करों की मांगें भी शामिल हैं. इसको लेकर 20 से 25 मई को देशव्यापी हड़ताल का निर्णय लिया गया है. जिसके साथ बिहार राज्य आशा कार्यकर्ता संघ (सम्बद्ध महासंघ, गोपगुट) राज्य स्तरीय बैठक में लिए गए निर्णय के आलोक में बिहार की सभी आशा कार्यकर्त्ता- आशा फैसिलिटेटर 20 मई से पांच दिवसीय हड़ताल पर चले गये.
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