Amrapali Training Center: कटिहार से सूरज कुमार गुप्ता की रिपोर्ट: बिहार सरकार के कला एवं संस्कृति विभाग द्वारा कटिहार जिले में संचालित ‘आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र’ में स्थानीय प्रतिभाओं को निखारने के लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है. केंद्र में अब गायन (Singing), वादन (Instrumental) और नृत्य (Dance) विधाओं का पूर्णतः निशुल्क प्रशिक्षण सत्र शुरू किया जा रहा है.
इस संबंध में विस्तृत जानकारी साझा करते हुए जिला कला संस्कृति पदाधिकारी रीना गुप्ता ने बताया कि जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) के विशेष आदेश पर कला और संगीत क्षेत्र से जुड़े 03 अत्यंत योग्य व विशेषज्ञ शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति केंद्र में कर दी गई है.
प्रति शिक्षक 40 सीटों का कोटा, खेल भवन में हो रहा नामांकन
जिला कला संस्कृति पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि प्रशिक्षण की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए सीटों की संख्या सीमित रखी गई है. प्रत्येक प्रतिनियुक्त शिक्षक के अंतर्गत अधिकतम 40 छात्र-छात्राओं का ही बैच तैयार किया जाएगा.
कटिहार जिले के जो भी इच्छुक छात्र-छात्राएं इस सुनहरे मौके का लाभ उठाना चाहते हैं, वे किसी भी सरकारी कार्यदिवस (Working Day) को जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय, खेल भवन (कटिहार) में जाकर अपना निशुल्क नामांकन (Registration) सुनिश्चित करा सकते हैं.
एडमिशन के लिए क्या हैं शर्तें और कौन से दस्तावेज हैं जरूरी?
आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र में प्रवेश पाने के लिए विभाग द्वारा निम्नलिखित मापदंड तय किए गए हैं:
- उम्र सीमा: प्रशिक्षण सत्र का हिस्सा बनने के लिए छात्र-छात्राओं की न्यूनतम आयु 06 वर्ष से अधिक होनी अनिवार्य है.
- जरूरी दस्तावेज: नामांकन फॉर्म के साथ आवेदकों को अपना आयु प्रमाण-पत्र (जन्मतिथि सर्टिफिकेट), [Aadhaar Redacted] और तीन नवीनतम पासपोर्ट साइज रंगीन फोटो जमा करना अनिवार्य होगा.
- नामांकन की अवधि: सबसे खास बात यह है कि छात्र-छात्राओं का नामांकन किसी निश्चित समय के लिए नहीं, बल्कि पूरे वर्ष पर्यन्त (साल भर) खुला रहेगा.
दो शिफ्टों में चलेगा प्रशिक्षण, जानें केंद्र का पूरा टाइम टेबल
केंद्र के सुचारू संचालन को लेकर समय सारिणी (Time Table) भी निर्धारित कर दी गई है:
- कार्यदिवस: आम्रपाली प्रशिक्षण केंद्र प्रत्येक सप्ताह मंगलवार से रविवार तक खुला रहेगा.
- शिक्षकों की टाइमिंग: प्रतिनियुक्त शिक्षकों के लिए केंद्र पर रहने का समय दोपहर 12:00 बजे से शाम 06:00 बजे तक तय किया गया है.
- छात्रों के लिए दो सत्र (बैच): प्रशिक्षणार्थियों की संख्या को देखते हुए उन्हें दो अलग-अलग शिफ्टों में ट्रेनिंग दी जाएगी. पहला सत्र दोपहर 02:00 बजे से शाम 04:00 बजे तक और दूसरा सत्र शाम 04:00 बजे से रात 06:00 बजे तक संचालित होगा.
- साप्ताहिक बंदी: प्रत्येक सोमवार को प्रशिक्षण केंद्र पूरी तरह बंद रहेगा.
विशेष नोट: किसी भी प्रकार की आपातकालीन परिस्थिति या त्योहारों के समय, निदेशक (सांस्कृतिक कार्य निदेशालय, बिहार) की सहमति से उक्त समय सारिणी में आंशिक बदलाव किया जा सकेगा.
नृत्य कला के लिए खुद लाना होगा ड्रेस और घुंघरू
रीना गुप्ता ने नृत्य विधा (क्लासिक/फोक डांस) सीखने वाले छात्र-छात्राओं को निर्देश देते हुए कहा कि प्रशिक्षण से जुड़ी व्यक्तिगत सामग्री जैसे—घुंघरू, विशेष डांस ड्रेस आदि छात्र-छात्राओं को स्वयं अपने स्तर से लाना होगा.
वहीं, केंद्र की मुकम्मल व्यवस्था को लेकर उन्होंने बताया कि परिसर की नियमित साफ-सफाई के लिए सफाईकर्मियों की व्यवस्था विभाग द्वारा आवंटित विशेष राशि से जिला कला एवं संस्कृति कार्यालय द्वारा की जाएगी. इसके अतिरिक्त, प्रशिक्षुओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा केंद्र पर 24 घंटे सुरक्षा गार्ड्स की तैनाती की जाएगी. संपूर्ण संचालन, समन्वय और लॉजिस्टिक्स का जिम्मा जिला कला एवं संस्कृति पदाधिकारी के अधीन रहेगा.
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