सदर अस्पताल में दूसरे दिन भी ठप रही एंबुलेंस सेवा

सदर अस्पताल में दूसरे दिन भी ‌‌ठप रही एंबुलेंस सेवा

– मांगों को लेकर एंबुलेंस चालक व कर्मी धरना पर बैठे रहे, मरीजों को उठानी पड़ रही परेशानी कटिहार सरकारी एंबुलेंस सेवा शनिवार को दूसरे दिन भी पूरी तरह से ठप रही. 102 एंबुलेंस कर्मचारी संघ का अनिश्चितकालीन हड़ताल जारी रहा. हड़ताल के दूसरे दिन संघ के संरक्षक विकास सिंह इस प्रदर्शन में शामिल होकर आवाज बुलंद किये. संरक्षक विकास सिंह ने कहा कि एम्बुलेंस कर्मचारियों के हक के लिए अब आर पार की लड़ाई होगी या तो सरकार में एंबुलेंस कर्मचारी की मांगों को माने या तो सरकारी एंबुलेंस की सेवा को यूं ही ठप रहने दें. दूसरे दिन भी सरकारी एंबुलेंस सेवा बाधित रहने से मरीज को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ा. खासकर गर्भवती महिला को ऑटो टोटो के सहारे अस्पताल पहुंचना पड़ा. मौके पर संरक्षक विकास सिंह ने कहा कि प्रत्येक चालक एवं ईएमटी के कर्मचारियों को प्रति आठ घंटा का मजदूरी श्रम अधिनियम के अनुसार न्यूनतम मजदूरी 21 हजार रुपए एवं अतिरिक्त कार्य का अतिरिक्त भुगतान की बातों को सरकार को मनाना ही होगा. उन्होंने कहा कि इस महंगाई के दौर में मासिक 10 हजार मानदेय से किसी का परिवार चलना मुश्किल है. एंबुलेंस में अपनी सेवा दे रहे चालक और टेक्नीशियन हमेशा अपने घर परिवार से दूर रहते हैं. दिन को दिन नहीं रात को रात नहीं समझते और अपनी सेवा 24 घंटे देते हैं. सरकार का भी दायित्व बनता है कि एंबुलेंस चालक और टेक्नीशियन का पूरा ख्याल रखें. ऐसे में सरकार ने जिस एजेंसी को एंबुलेंस का कार्यभार सौंपा है. उसे कहे की कर्मचारियों को 21000 रु मासिक दे. कर्मचारियों को दुर्घटना बीमा के तहत 20 लख रुपए का मुआवजा कंपनी से दिलवाया जाय. कंपनी के द्वारा बिना शर्त कर्मचारी को नियुक्ति पत्र एवं सैलरी सीट दिया जाय, कंपनी निश्चित समय पर वेतन एवं वेतन स्लिप दें. कर्मचारियों का नवंबर माह 2024 का कटे हुए वेतन का पूर्ण भुगतान किया जाय. कंपनी के द्वारा 102 एंबुलेंस का सही रख रखाव समय पर सर्विसिंग जैसे सुविधा को समय पर कराया जाए आदि मांगे है. शनिवार को भी सदर अस्पताल परिसर में चालक ईएमटी ने अपनी मांगों को लेकर धरना प्रदर्शन करते हुए, स्वास्थ्य मंत्री और मुख्यमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी की. अपनी मांगों को जायज बताते हुए इसे जल्द सरकार को मानने पर जोर दिया. इस अवसर पर संघ के जिला अध्यक्ष अमर सिंह, सचिव अब्दुल मतीन, कोषाध्यक्ष मणिकांत झा, एंबुलेंस कर्मियों के साथ विवेक सिंह राठौड़, अभिमन्यु सिंह, सत्यम समदर्शी, सुनील सिंह भी समर्थन में धरना पर बैठे रहे. कहते हैं सिविल सर्जन सिविल सर्जन डॉ जितेंद्र नाथ सिंह ने बताया कि एंबुलेंस सेवा ठप रहने से मरीजों को परेशानी हो रही है. इसको लेकर राज्य स्वास्थ्य विभाग को अवगत कराया गया है. जैसा निर्देश होगा. वैकल्पिक व्यवस्था जल्द की जायेगी.

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By RAJKISHOR K

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