कटिहार जिले के सीमावर्ती अमदाबाद प्रखंड की विभिन्न पंचायतों में बाढ़ का पानी तेजी से प्रवेश कर गया है, जिससे समूचे इलाके में त्राहिमाम की स्थिति उत्पन्न हो गई है. प्रखंड की जंगला टाल पंचायत में बाढ़ का रौद्र रूप देखने को मिल रहा है, जहां पंचायत सरकार भवन के चारों तरफ और कमरों में कई फीट पानी भर चुका है. पंचायत के अधिकांश हिस्से जलमग्न होने से आम जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है और लोगों के सामने सुरक्षित ठिकानों पर जाने का संकट गहरा गया है.
पंचायत सरकार भवन और आंगनबाड़ी केंद्र में घुसा पानी
बाढ़ के तीव्र बहाव के कारण जंगला टाल स्थित पंचायत सरकार भवन जलमग्न हो चुका है. इसके साथ ही आंगनबाड़ी केंद्र संख्या 185 के परिसर और कमरों में भी पानी भर गया है. सरकारी भवनों के डूब जाने से प्रशासनिक कामकाज और बच्चों के पोषण से जुड़े कार्य पूरी तरह ठप हो गए हैं.
पंचायत के आठ वार्ड पूरी तरह बाढ़ की चपेट में
मुखिया प्रतिनिधि अब्दुल बारी ने मैदानी स्थिति की जानकारी देते हुए बताया कि जंगला टाल पंचायत का एक बड़ा हिस्सा बाढ़ के आगोश में आ चुका है. पंचायत के वार्ड नंबर 1, 7, 8, 9, 10, 11, 12 और 13 पूर्ण रूप से जलमग्न हो चुके हैं, जबकि वार्ड नंबर 2, 3, 4, 5 एवं 6 आंशिक रूप से प्रभावित हैं. इन वार्डों में पानी भर जाने से ग्रामीणों के घरों में चूल्हा जलना तक मुश्किल हो गया है.
आवागमन पूरी तरह ठप, नावों की दरकार
सड़क संपर्क टूट जाने और गलियों में कई फीट पानी बहने के कारण ग्रामीणों के सामने आवागमन की गंभीर समस्या खड़ी हो गई है. लोग जान जोखिम में डालकर ऊंचे स्थानों की ओर पलायन करने को विवश हैं. मवेशियों के चारे और शुद्ध पेयजल की भारी किल्लत होने लगी है.
पॉलीथिन शीट और सूखा राशन उपलब्ध कराने की मांग
बाढ़ की भयावह स्थिति को देखते हुए मुखिया प्रतिनिधि ने जिला प्रशासन से तत्काल राहत कार्य शुरू करने की गुहार लगाई है. उन्होंने प्रभावित परिवारों को बारिश और धूप से बचाव के लिए पॉलीथिन शीट्स, तत्काल खाने के लिए सूखा राशन और शुद्ध पेयजल सहित अन्य आवश्यक राहत सामग्री युद्धस्तर पर उपलब्ध कराने की मांग की है.
