हसनगंज देश को टीबी से मुक्त बनाने के उद्देश्य से चलाए जा रहे राष्ट्रीय 100-दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत सोमवार को हसनगंज प्रखंड के रामपुर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर में विशेष एक्स-रे एवं स्वास्थ्य जांच शिविर का आयोजन किया गया. स्वास्थ्य विभाग एवं सामुदायिक सहभागिता से आयोजित इस शिविर का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में टीबी रोगियों की समय रहते पहचान कर उन्हें निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराना था. शिविर का उद्घाटन प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ आयुष भारद्वाज ने किया. इस अवसर पर उन्होंने कहा कि टीबी अब लाइलाज बीमारी नहीं रह गई है. सरकार का लक्ष्य देश के प्रत्येक गांव और घर को टीबी मुक्त बनाना है. उन्होंने कहा कि ऐसे शिविर संभावित मरीजों की पहचान और समय पर उपचार सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं. शिविर में आधुनिक मोबाइल डिजिटल एक्स-रे मशीन के माध्यम से संदिग्ध मरीजों के फेफड़ों की जांच की गई. साथ ही टीबी की पुष्टि के लिए बलगम के नमूने भी एकत्र किए गए. जांच के उपरांत चिकित्सकों की टीम ने मरीजों को आवश्यक परामर्श एवं दवाइयां निःशुल्क उपलब्ध कराईं. एसटीएस अंजली कुमारी ने ग्रामीणों को टीबी के लक्षणों एवं सरकारी सुविधाओं की जानकारी देते हुए बताया कि टीबी की पुष्टि होने पर मरीजों को निक्षय पोषण योजना के तहत उपचार अवधि में प्रतिमाह एक हजार रुपये की पोषण सहायता राशि सीधे बैंक खाते में प्रदान की जाती है. उन्होंने लोगों से दो सप्ताह से अधिक खांसी, लगातार बुखार, वजन कम होने अथवा भूख न लगने जैसी समस्याओं पर तत्काल जांच कराने की अपील की. शिविर में रामपुर एवं आसपास के गांवों के 156 से अधिक लोगों की जांच की गई. संदिग्ध मरीजों को आगे के निःशुल्क उपचार एवं डॉट्स सुविधा के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र हसनगंज से जोड़ा गया. कार्यक्रम की सफलता में स्थानीय मुखिया, आशा कार्यकर्ताओं, एएनएम एवं स्वास्थ्यकर्मियों का महत्वपूर्ण योगदान रहा. इस अवसर पर सोमनाथ झा, रवि कुमार, रानी कुमारी सीएचओ सहित कई स्वास्थ्यकर्मी मौजूद थे.
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत रामपुर में लगा विशेष एक्स-रे शिविर
टीबी मुक्त भारत अभियान के तहत रामपुर में लगा विशेष एक्स-रे शिविर
