कटिहार : बिहार सरकार की महत्वाकांक्षी आवास बसेरा योजना फलका प्रखंड की हथवाड़ा पंचायत में धरातल पर असर नहीं दिखा रही है. पंचायत के करीब 800 से अधिक भूमिहीन महादलित परिवार आज भी आवासीय जमीन के लिए भटक रहे हैं. जमीन नहीं मिलने के कारण ये परिवार नहर और सड़क किनारे झोपड़ियों में रहने को मजबूर हैं. सबसे अधिक प्रभावित परिवार वार्ड संख्या-1 दोगछी टोला और वार्ड संख्या-10 हथवाड़ा टोला के हैं.
ग्रामीणों का कहना है कि आवासीय भूमि नहीं होने के कारण वे प्रधानमंत्री आवास जैसी योजनाओं का भी पूरा लाभ नहीं ले पा रहे हैं. बरसात के मौसम में नहर किनारे रहने से दुर्घटना का खतरा बना रहता है.
वर्षों से आवेदन, फिर भी नहीं मिला अधिकार
ग्रामीण जासो देवी, कारी देवी, बाबी देवी, अंजली देवी, मनसा देवी, किरण देवी, जोसना देवी, सरिता देवी, पूनम देवी, राधा देवी, कविता देवी, मीरा देवी, सीता देवी, शिवानी देवी और रूसा देवी समेत कई महिलाओं ने बताया कि उन्होंने अंचलाधिकारी, विधायक और जिला पदाधिकारी को कई बार आवेदन दिया, लेकिन अब तक आवासीय भूमि उपलब्ध नहीं कराई गई. उनका कहना है कि पूर्व में नहर में डूबने से कई बच्चों की मौत भी हो चुकी है, लेकिन प्रशासन की ओर से स्थायी समाधान नहीं किया गया.
मुखिया ने कहा, भूमिहीनों को जमीन दिलाने का प्रयास जारी
पंचायत की मुखिया भारती कुमारी ने बताया कि हथवाड़ा पंचायत में 800 से अधिक महादलित परिवार भूमिहीन हैं. पंचायत स्तर से कई बार जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों को आवेदन भेजा गया है. उन्होंने कहा कि पात्र परिवारों को आवासीय भूमि दिलाने के लिए उनका प्रयास लगातार जारी रहेगा. साथ ही उन्होंने अपने और अपने पति पर लगाए जा रहे आरोपों को निराधार बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की.
सीओ बोले, होगी जांच
अंचलाधिकारी शोमी पोद्दार ने बताया कि भूमिहीन परिवारों से आवेदन प्राप्त हुए हैं. मामले की जांच कर पात्र लाभुकों को आवासीय भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी. उन्होंने कहा कि इस संबंध में वरीय अधिकारियों से भी बातचीत की जा रही है.
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