आयोग हर हाल में स्वच्छ व निष्पक्ष चुनाव संपन्न कराने के लिए प्रतिबद्ध है.
कटिहार : त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव को निष्पक्ष व शांतिपूर्ण संपन्न कराने को लेकर राज्य निर्वाचन आयोग द्वारा तरह-तरह के निर्देश जारी किये जा रहे हैं. खास कर पंचायत चुनाव को लेकर आयोग ने आदर्श चुनाव आचार संहिता का मानक तय करते हुए न केवल प्रत्याशी व उनके समर्थकों के लिए आचार संहिता तय की है बल्कि सरकारी विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को भी आचार संहिता के दायरे में लाया है. आयोग यह चाहती है कि चुनाव में निष्पक्षता बनाये रखने के लिए सरकारी विभाग के अधिकारियों व कर्मचारियों को भी अपने दायरे में रह कर निष्पक्ष भाव से दायित्व का निर्वहन करना चाहिए.
आयोग द्वारा पंचायत चुनाव को लेकर जारी किये गये आदर्श आचार संहिता के विभिन्न बिंदुओं को प्रभात खबर पिछले तीन दिनों से अपने पाठकों के बीच प्रस्तुत कर रही है. आज चौथी कड़ी में आचार संहिता के तहत अधिकारी व कर्मचारियों को दिये गये दिशा निर्देश को यहां प्रस्तुत की जा रही है. ट्रांसफर-पोस्टिंग पर रहेगी रोक: निर्वाचन आयोग ने पंचायत चुनाव के तहत आदर्श आचार संहिता निर्धारित करते हुए यह साफ कहा है कि सरकारी विभाग के अधिकारी व कर्मचारी वैसा कोई आदेश पारित नहीं करें, जिसे चुनाव के समय संचालन में व्यवधान उत्पन्न हो. खासकर अधिसूचना की तिथि से मतगणना प्रक्रिया समाप्त होने तक बगैर राज्य निर्वाचन आयोग के अनुमति-सहमति का कोई भी ट्रांसफर-पोस्टिंग नहीं होगा. चुनाव के सूचिता व निष्पक्षता बनाये रखने के लिए अधिकारी व कर्मचारी किसी क्षेत्र या वर्ग के मतदाताओं को लाभान्वित करने की दृष्टि से कोई सुविधा या छूट नहीं दे और न ही कोई नई योजना या कार्य की स्वीकृति जारी करे. आयोग ने कहा है कि सरकारी कर्मचारियों को चुनाव में बिल्कुल निष्पक्ष रहने की जरूरत है.
अनुमति देते समय रखनी होगी निष्पक्षता : आदर्श चुनाव आचार संहिता के तहत अधिकारी व कर्मचारी को किसी सार्वजनिक स्थान पर चुनावी सभा के आयोजन को लेकर अनुमति देते समय विभिन्न उम्मीदवारों के बीच कोई भेद-भाव नहीं करनी होगी. यदि एक ही दिन वह समय पर एक से अधिक उम्मीदवार एक ही जगह पर सभा करना चाहते हैं तो उस उम्मीदवार को अनुमति दी जानी चाहिए. जिसने सबसे पहले आवेदन पत्र दिया है. आयोग ने यह भी कहा है कि विश्राम गृहों या अन्य स्थानों में शासकीय आवास सुविधा का उपभोग सभी उम्मीदवारों को समान शर्तों पर करने दिया जाना चाहिए. परंतु किसी भी उम्मीदवार को ऐसा भवन या उसका परिसर का उपयोग चुनाव प्रचार, चुनावी बैठक करने के लिए अनुमति नहीं दी जायेगी. चुनावी दौर के समय यदि कोई मंत्री निजी मकान पर आयोजित किसी कार्यक्रम का आमंत्रण स्वीकार करें तो किसी सरकारी कर्मचारी को उसमें शामिल नहीं होना है.. यदि सरकारी अधिकारी व कर्मचारी को काई निमंत्रण पत्र प्राप्त हो तो उसे शालीनता से अस्वीकार कर देना चाहिए.
सिर्फ शिलान्यास-उद्घाटन पर रहेगी रोक : आयोग ने कहा है कि किसी भी परिस्थिति में योजना के प्रारंभ करने को लेकर कोई अनुष्ठान कार्य यथा शिलान्यास आदि नहीं किया जायेगा. राज्य में विकास से संबंधित कार्य-कलापों की प्रगति को दर्शाते हुए किसी प्रकार का इश्तिहार या विज्ञापनों का प्रसारण समाचार पत्र, रेडियो, टेलीविजन आदि के माध्यम से नहीं किया जायेगा.
