शुद्ध पेयजल नसीब नहीं
निर्देश को ताक पर रख कर लोगों की स्वास्थ्य हो रहा खिलवाड़
अमदाबाद : प्रखंड में पेयजल योजना के तहत लोगों को शुद्ध जल उपलब्ध कराने के उद्देश्य से पीएचइडी विभाग द्वारा नर्मित चापाकल प्रखंड क्षेत्र में सफेद हाथी साबित हो रहा है. प्रखंड वासी आज भी आर्सेनिक व फ्लोराइड युक्त जल पीने को विवश हैं.
जानकारों का मानना है कि अमदाबाद प्रखंड गंगा व महानंदा नदी से घिरे हुए रहने के वजह से यहां के चापाकलों में आर्सेनिक व फ्लोराइड तथा आयरन की मात्रा पायी जाती है. वहीं कई वर्ष पूर्व प्रखंड के विभिन्न क्षेत्रों के चापाकलों के जल में जांच के दौरान आर्सेनिक, फ्लोराइड एवं आयरन की मात्रा पायी गयी थी तथा जिन चापाकलों में आर्सेनिक की खतरनाक मात्रा पायी गयी थी.
उन चापाकलों को चिन्हित कर उसके जल सेवन करने से मनाही भी की गयी थी. वहीं प्रखंड में पीएचइडी विभाग द्वारा कुछ वर्षों पूर्व दर्जनों कुएं वाले चापाकल आर्सेनिक आयरन एवं फ्लोराइड युक्त जल उपलब्ध कराने के लिए लगाये गये थे. लेकिन गुणवत्तापूर्ण निर्माण नहीं होने के कारण निर्माण के कुछ माह बाद ध्वस्त होने लगे. वहीं कुछ कुएं बनते समय ही ध्वस्त हो गये. इस कार्य से जुड़े संवेदकों ने निर्देशों को ताक पर रख कर यहां के लोगों की स्वास्थ्य के साथ खिलवाड़ किया गया.
जिसका परिणाम है कि ऐसे चापाकलों के निर्माण में लाखों की राशि खर्च होने के बावजूद भी प्रखंड के लोगों को शुद्ध पेयजल नसीब नहीं हो पाया. कुछ चापाकलों को ऐसे जगह पर बनवाया गया कि जहां लोगों का कम ही आना-जाना होता है. ऐसे में प्रखंड में शुद्ध पेय जलापूर्ति योजना पूरी तरह फ्लॉप साबित हो रही है.
