वाहन की छत पर बैठकर यात्रा कर रहे लोगसड़क सुरक्षा सप्ताह की औपचारिकता हुई पूरी फोटो संख्या-3,4 कैप्सन-इसी तरह जान जोखिम में डालकर होती है यात्रा प्रतिनिधि, कटिहारपुलिस प्रशासन के सामने से वाहनों में ओवर लोडिंग कर यात्रियों को सवारी करायी जा रही है. यह स्थिति पूरे जिले में चल रहा है. लेकिन यदि शहर में इस तरह की हरकत होती हो तो इसे क्या कहा जायेगा. जहां पुलिस, प्रशासन के तमाम वरीय पदाधिकारी बैठते हैं. उनके सामने से वाहनों के छत के उपर यात्रियों को बैठाकर एक जगह से दूसरे जगह ले जाया जा रहा है. ऐसे में हमेशा यात्रियों को जान का खतरा बना रहता है. सवारी वाहनों, बसों, ऑटो सहित अन्य वाहनों के छतों पर लोगों को बैठाकर खुले आम यात्रा करायी जा रही है. लेकिन इस दिशा में न परिवहन विभाग कुछ बोल रहा है न ही पुलिस, प्रशासन. 10 से 16 जनवरी तक सड़क सुरक्षा सप्ताह जिले में मनाया गया. इस दौरान भी शहर व जिले में बेरोकटोक ओवर लोड वाहनों का परिचालन हुआ. कही कोई कार्रवाई नहीं हुई. यानी सड़क सुरक्षा सप्ताह के नाम पर औपचारिकता निभायी गयी. यही वजह है कि जिले में सड़क दुर्घटनाओं के मामले में रोज बढ़ोतरी हो रही है. जिनके कंधों पर वाहनों का परिचालन नियमों के तहत कराने की है. उस विभाग को इससे कोई लेना देना ही नहीं है. ऐसे में सवाल उठता है कि आखिर ओवर लोडेड वाहनों का परिचालन पर कैसे रोक लगेगी. परिवहन विभाग के नियमों की उड़ायी जा रही धज्जियांजिला मुख्यालय सहित पूरे जिले में परिवहन विभाग के नियमों की धज्जियां उड़ायी जा रही है. इसे रोकने वाला कोई नहीं है. मन माफिक वाहनों का परिचालन हो रहा है. जायजा लेने के क्रम में पाया गया कि जिला मुख्यालय जहां नियमों का पाठ पढ़ाने वाले तमाम पदाधिकारी बैठते हैं वहां ही नियमों का पालन नहीं हो रहा है. वाहनों पर ओवर लोडिंग आम बात हो गयी है. यात्री वाहन चालक जबरन यात्रियों को वाहन के छत पर बैठाकर यात्रा करने को मजबूर कर रहे हैं. यही नहीं वाहनों की छत पर क्षमता से अधिक समानों को भी लोड किया जा रहा है. जिससे हमेशा दुर्घटना होने की आशंका बनी रहती है. छत पर बैठकर यात्रा करते हैं लोग अमदाबाद प्रखंड को जाने वाली वाहनों में यात्रियों को ठूंस-ठूंस कर बैठाया जाता है. इसके अलावा वाहन की छत पर भी यात्रियों को बैठाकर यात्रा कराया जाता है. इस तरह के वाहन शहर में रोज देखने के लिए मिल जाता है. इस ठंड में छत पर बैठाकर यात्रा कराना कितना जायज है यह बड़ा सवाल है. जीआरपी चौक के निकट एक वाहन की छत पर क्षमता से अधिक समानों को लोड के साथ-साथ कई यात्रियों को भी बैठा दिया गया था. तेज रफ्तार के दौरान यदि जोर का ब्रेक चालक लगा दे तो दुर्घटना से इंकार नहीं किया जा सकता है. यही नहीं दूसरे वाहन पर दर्जन भर से अधिक यात्रियों को छत पर बैठाया गया था. मिरचाईबाड़ी में पूर्णिया जा रही एक बस के उपर क्षमता से अधिक समानों के बीच यात्रियों को बैठाया गया था जो जान जोखिम में डालकर यात्रा करने को मजबूर हो रहे थे. इसी तरह एक दूसरे वाहन में मिरचाईबाड़ी में ही देखने को मिला कि एक वाहन मनिहारी की ओर से आयी. जिसमें कई लोगों को छत पर बैठकर यात्रा कर रहे थे. ऐसे स्थिति में हमेशा यात्रियों का जान जोखिम में बना रहता है. पुलिस के सामने से गुजरते हैं वाहनओवर लोडेड वाहन व वाहनों की छतों पर यात्रियों को बैठाकर खुलेआम ले जाया जा रहा है. बस स्टेंड से जब वाहन वाहन के छत पर बैठाकर ले जाया जाता है तो ट्रैफिक पुलिस सब देखकर भी अनजान बन जाती है. दरअसल ट्रैफिक पुलिस को इसके लिए चढ़ावा भी चढ़ाया जाता है. यही नहीं ओवर लोड वाहन, यात्रियों को छत पर बैठकर कई थानों से होकर गुजरती है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं होती. रही परिवहन विभाग की तो उन्हें इससे कोई लेना देना ही नहीं है. यात्रियों की जान बचे या जाय.
वाहन की छत पर बैठकर यात्रा कर रहे लोग
वाहन की छत पर बैठकर यात्रा कर रहे लोगसड़क सुरक्षा सप्ताह की औपचारिकता हुई पूरी फोटो संख्या-3,4 कैप्सन-इसी तरह जान जोखिम में डालकर होती है यात्रा प्रतिनिधि, कटिहारपुलिस प्रशासन के सामने से वाहनों में ओवर लोडिंग कर यात्रियों को सवारी करायी जा रही है. यह स्थिति पूरे जिले में चल रहा है. लेकिन यदि शहर […]
